यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सहारनपुर हिंसा के आरोपी रावण को कांग्रेस का साथ, गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण को आज कांग्रेस का साथ मिल गया है। कुछ दिन पहले बसपा ने ...और पढ़ें

सहारनपुर (जेएनएन)। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की गिरफ्तारी के बाद उसे कांग्रेस का साथ मिल गया। बसपा प्रमुख के उसके साथ कोई संबंध न होने के बयान के बाद रावण अलग-थलग पड़ गया था। कांग्रेस उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने आज भीम आर्मी प्रमुख की मां-भाई के साथ प्रेसवार्ता में पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी दी। मसूद ने कहा कि यदि रावण के साथ पुलिस ने मारपीट की तो अंजाम बहुत बुरे होंगे। इसी दौरान चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के विरोध में दलितों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही सैनपुर गांव मेें सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर प्रदर्शन किया। कुछ और स्थानों पर लोग आंदोलित हैं।
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चंद्रशेखर बड़ा नेता मै उसके साथ
इमरान ने खुलकर कहा कि मुसलमान और दलित मिलकर भाजपा सरकार का मुकाबला करेंगे। चंद्रशेखर बड़ा नेता है और मै उसके साथ हूं। मसूद ने भाजपा सांसद राघव लखनपाल पर भी आरोपों की बौछार की। कहा कि सांसद के भाई के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं लेकिन सांसद उसे बचा रहे हैं जिस कारण पुलिस उसे नहीं पकड़ रही। प्रेस कांफ्रेंस में रावण के भाई कमल किशोर व मां कमलेश ने कहा कि भाजपा व हिंदू वाहिनी ने मिलकर चंद्रशेखर को फंसाया है। वह बेकसूर है। उन्हें न्याय पर पूरा भरोसा है।
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कदम-दर-कदम बढ़ती गई सहारनपुर की हिंसा
उल्लेखनीय है कि सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में महाराणा प्रताप की मूर्ति पर माल्यार्पण करने जा रहे राजपूत व दलितों के बीच 5 मई को झड़प से हुई। इस हिंसा में राजपूत पक्ष के एक युवक सुमित की मौत हो गई। इसके बाद ठाकुरों ने बदला लेने के लिए 60 दलितों के घर फूक दिए. इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया।
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9 मई को भीम आर्मी के नेतृत्व में पीडि़त दलितों ने मुआवजे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की। उपद्रवियों ने कई जगह तोडफ़ोड़ व आगजनी की। 21 मई को दलितों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट किया। 23 मई को बसपा प्रमुख मायावती के दौरे से पहले और बाद शब्बीरपुर में हिंसा में एक की मौत और 10 घायल हुए हो गए। इस सारे मामले में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां की गई और प्रमुख दोषी के रूप में भीम आर्मी प्रमुख का चेहरा सामने आया ।
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गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन
चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के विरोध में दलितों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए गांव सैनपुर मेें सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर प्रदर्शन किया। पुलिस पहुंची तो प्रदर्शनकारी इधर-उधर हो गए। सीओ सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि बिना अनुमति हुए प्रदर्शन की जांच की जा रही है।
