यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कातिल ठंड ने 24 घंटे में पांच को लीला

प्रतापगढ़ : मौसम ठीक होने का नाम ही नहीं ले रहा है। रोज बारिश के दस्तक देने से सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं। दिन का तापमान गिरने से गलन बढ़ गई है। यही गलन अब जानलेवा बन गई। कड़ाके की ठंड में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते चौबीस घंटों में पांच लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
रानीगंजकैथौला प्रतिनिधि के अनुसार लालगंज कोतवाली के रायपुर तियाई गांव निवासी बसंत लाल पटवा का 19 वर्षीय बेटा जगदीश गुरुवार को साइकिल से इनहन बाजार गया हुआ था। शाम को वह बाजार से लौटा तो उसके सीने में दर्द शुरू हो गया। परिजन उसे लालगंज अस्पताल ले गए। यहां उसकी हालत नाजुक देखकर चिकित्सकों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन उसे लखनऊ ले जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
जामताली प्रतिनिधि के अनुसार रानीगंज थाना क्षेत्र के मऊ गांव निवासी शुभकरन की पत्नी धर्मा देवी 55 को शौच से लौटते समय ठंड लग गई। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच उसकी मौत हो गई।
संग्रामगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार कैथाविजयी मऊ निवासी सत्यनारायण पटेल 60 की भी ठंड लगने से मौत हो गई। परियावां प्रतिनिधि के अनुसार नवाबगंज थाना क्षेत्र के ककरहिया डिहवा निवासी राम खेलावन की पत्नी कुसुमा देवी (70) को शुक्रवार को ठंड लग गई। परिजन उसे चिकित्सक के पास ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
पट्टी प्रतिनिधि के अनुसार ठंड की चपेट में आकर कोतवाली क्षेत्र के होशियारगांव निवासी बरसाती कहार की तबीयत गुरुवार की रात खराब हो गई। परिवार के लोग जब तक उसे चिकित्सक के पास ले जाते, उसकी सांसें थम गई। डाक्टरों ने मौत का कारण ठंड लगाना बताया।
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हवाओं ने बिगाड़ा मौसम का मिजाज
-बूंदाबांदी से जनजीवन अस्तव्यस्त, गलन बढ़ी
-दिन के तापमान में आई तेजी से गिरावट
प्रतापगढ़ : हवाओं ने मौसम को भ्रमित कर रखा है। पछुवा हवा के कमजोर पड़ने और बारिश से दिन का तापमान तेजी से गिरा है। इसके चलते गलन बढ़ गई है।
कई दिनों से बादलों ने आसमान में डेरा डाल रखा है। जब मर्जी आती है बरस पड़ते हैं। इसके चलते दिन के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। नतीजा लोगों को हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम 10.5 डिग्री तो अधिकतम 14.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड दर्ज किया गया। शुक्रवार को सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए। दोपहर बाद बारिश भी हुई। इसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। खासकर मजदूर तबके को बारिश और ठंड की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो ऐसा चौतरफा हवाओं के चलते हो रहा है। अधिकतम तापमान में आई गिरावट से गलन और बढ़ गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि दो दिन बाद पछुवा हवा मजबूत होगी तभी मौसम कुछ नरमी दिखाएगा।
उधर मौसम के तेवर देखने के बाद भी स्थानीय प्रशासन सक्रियता नहीं बरत रहा है। चंद स्थानों पर जलवाए गए अलाव ठंडे पड़ गए हैं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं है।
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फोटो : 17 लाल 01
डग्गामार वाहनों की चांदी
लालगंज, प्रतापगढ़ : ठंड और कोहरे के चलते यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है। सड़कों पर चल रहे सरकारी वाहनों की रफ्तार पर कोहरे ने ब्रेक लगा रखा है। इसके चलते प्राइवेट वाहन चांदी काट रहे हैं। इन वाहनों के लिए नियम कानून कोई मायने नहीं रखते। सवारियों को भूसे की तरह लादकर ये सड़कों पर सरपट दौड़ते हैं। मौसम की आड़ में यात्रियों से किराया भी दोगुना वसूला जा रहा है।
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