विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलकर्मियों से मारपीट, भगदड़

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sat, 19 Aug 2017 07:54 PM (IST)Updated: Sun, 20 Aug 2017 08:11 AM (IST)

उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना स्थल के आसपास गांव के लोगों रेल कर्मियों से मारपीट से रेलकर्मी भाग गए हैं। हालात को ...और पढ़ें

उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलकर्मियों से मारपीट, भगदड़
उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलकर्मियों से मारपीट, भगदड़

मुरादाबाद (जेएनएन)। उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने के घटनास्थल के आसपास गांव के लोगों द्वारा रेल कर्मियों से मारपीट की सूचना हैं। इस कारण घटना स्थल से रेलवे कर्मचारी भाग गए हैं। दुर्घटनाग्रस्त उत्कल एक्सप्रेस में तैनात हरिद्वार के टीटीई क्रांति स्वरूप ने मोबाइल पर सीनियर डीसीएम विवेक शर्मा को बताया कि सर झटके के साथ तेज आवाज हुई और जब आंख खुली तो बोगी हवा में लटक रही थी। टीटीई और अन्य कर्मचारी सुरक्षित हैं। 

यह भी पढ़ें: उत्कल एक्सप्रेस हादसाः आतंकी गतिविधि या फिर ड्राइवर को नहीं मिला कॉशन

आंख खुली तो हवा में लटकी थीं बोगियां

टीटीई ने बताया कि हादसे के दौरान ट्रेन सौ किमी की रफ्तार से चल रही थी। खतौली स्टेशन के पास तेज आवाज के साथ जोरदार झटका लगा। उसके बाद आंख खुली तो चारों और धूल थी। बोगी के ऊपर बोगी चढ़ गईं थीं। किसी तरह से उतर कर देखा तो अन्य टीटीई, चालक, गार्ड और अन्य तकनीकी स्टाफ सुरक्षित मिले। चारों ओर चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। आसपास के गांवों के लोग भी पहुंच चुके थे। रेल कर्मी यात्रियों को बाहर निकालने में जुटे थे। सूचना मुख्य टिकट निरीक्षक हरिद्वार को भी दी गई।

यह भी पढ़ें: जयंत की गिरफ्तारी पर आक्रोशः रालोद कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार का पुतला फूंका

दुर्घटना के बाद मची भगदड़

दुर्घटना के बाद जो कोच सही सलामत बच गए थे उनके यात्रियों में भगदड़ मच गई थी। रेलवे स्टाफ ने इनको शांत कर अपना सामान बाहर निकालने के लिए कहा। टीटीई ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बोगी से लोगों को निकालने में आसपास गांव के लोग भी जुटे थे। घायल यात्रियों को देखने के बाद स्थानीय लोगों में रेलवे के प्रति गुस्सा भड़क गया। कुछ लोगों ने रेल कर्मियों को मार देने की सलाह दी तो काला कोट उतार कर सभी कर्मचारी घटना स्थल से भाग निकले। टीटीई ने बताया कि इसके बाद उन्होंने फोन रिसीव करना इसलिए बंद कर दिया कि कहीं गुस्साए लोग हमला न कर दें।

यह भी पढ़ें:उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 30 की मौत, 50 से अधिक घायल

मंडल रेल प्रशासन ने इस घटना के बाद देहरादून व हरिद्वार से दिल्ली की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को मुरादाबाद होकर चलाने का फैसला लिया है। नौचंदी एक्सप्रेस को मेरठ हापुड़ के बजाय सहारनपुर नजीबाबाद होकर चलाया जाएगा। उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिलते ही यात्रियों परिजन घबराए हुए हैं। स्टेशन पर पहुंचे कबीर राठौर ने बताया कि सोमवती अमावस्या के स्नान के लिए ग्वालियर मध्य प्रदेश से उनके माता-पिता और आसपास के 50 लोग हरिद्वार आ रहे थे। माता-पिता से बात हो गई है, वे सकुशल हैं, लेकिन साथ के और लोगों के बारे में पता नहीं चल पा रहा।

 

 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।