यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाबा गोविंददासः मथुरा के बरसाना में भी डेरा सच्चा सौदा जैसा मामला
मथुरा के बरसाना में भी डेरा सच्चा सौदा जैसा मामला सामने आया है। यहां बंगाली बाबा मोहन गोविंददास शिष्या की बेटी की अस्मत से खेलता रहा।

मथुरा (जेएनएन)। मथुरा के बरसाना में भी डेरा सच्चा सौदा जैसा मामला सामने आया है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां रामरहीम की जगह कथित बंगाली बाबा मोहन गोविंददास शिष्या से दान में मिली युवती की अस्मत से खेलता रहा। गर्भवती होने पर उसे जबरन बंगाल भेज दिया। युवती ने वहां तहरीर दी, तो मुकदमा दर्ज करने के बाद बंगाल पुलिस बाबा को गिरफ्तार कर साथ ले गई।
बरसाना के तिलक विहार में मोहन गोविंददास का आश्रम हैं। दस महीने पहले पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना से बाबा की एक शिष्या अपनी 28-30 वर्षीय बेटी, अपने भाई और भाभी के साथ आश्रम पर आई। बाबा ने अपनी शिष्या को आध्यात्मिक भावना के जाल में फंसा लिया। उसे बेटी को आश्रम को दान देने के लिए सहमत कर लिया। बाबा ने बाकायदा युवती की मां से दानपत्र लिखवाया। ये पत्र बंगाली भाषा में लिखा गया, इस पर युवती के मामा-मामी ने बतौर गवाह दस्तखत किए।
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दानपत्र में यह भी लिखा कि बेटी को अपने गुरु और आश्रम की सेवा के लिए दान कर रही है। गुरु के प्रति अंधविश्वास रखने वाली मां बेटी को बाबा के पास छोड़कर बंगाल वापस चली गई। दानपत्र हाथ लगते ही इस कथित बाबा ने युवती को अपनी दासी बना लिया। एक दिन हवस का शिकार बना लिया। इसके बाद नियमित दुष्कर्म करता रहा। युवती के गर्भवती होने के बाद भी दुष्कर्मी बाज नहीं आया। फिर उसे किराया देकर पश्चिम बंगाल परिजनों के पास भेज दिया। युवती की शिकायत पर गुरुवार देर रात बरसाना पहुंची बंगाल पुलिस बाबा को गिरफ्तार कर साथ ले गई।
