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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विकलांग पिता के अंधे बेटे की ठंड से मौत

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Published: Fri, 10 Jan 2014 10:26 PM (IST)Updated: Sat, 11 Jan 2014 05:12 PM (IST)

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कुशीनगर : विकास खंड विशुनपुरा गांव दांदोपुर निवासी 22 वर्षीय दृष्टिहीन खूबलाल की गुरुवार की देर रात ठंड लगने से मौत हो गई।

उक्त गांव निवासी खूबलाल दृष्टिहीन था, जो प्रतिदिन बड़हरा रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वालों में भीख मांगता था और शाम को घर आ जाता था। रोज की तरह गुरुवार को भी ट्रेन में भीख मांग कर घर आया। घर आने पर उसे कंपकपी होने लगी और एकाध बार उल्टी होने लगी। इसके बाद परिजन उसे बड़हरा स्थित चिकित्सक के यहां ले गए। जहां से इलाज के बाद डाक्टर ने उसे घर भेज दिया। लेकिन गुरुवार की देर रात उसकी मौत हो गई।

विकलांग बाप का सहारा था

दृष्टिहीन खूबलाल चार भाइयों में तीसरे नंबर का था जो विकलांग पिता के साथ रहता था। शेष तीन भाई अलग रहते हैं। खूबलाल ही अपने विकलांग पिता का सहारा था। ट्रेन में भीख मांग कर अपने पिता व स्वयं की रोटी का व्यवस्था करता था। उसकी मौत से विकलांग पिता वंशु प्रसाद का बुरा हाल है। वह रोते हुए कहते हैं कि अब मुझे दो वक्त की रोटी कौन देगा।

चंदे से हुआ अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार के लिए गांव के राजेंद्र पटवा व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने 500-500 रुपये दिए। इससे उसका अंतिम संस्कार हुआ। सरकारी सुविधा के नाम पर मृत खूबलाल के पिता के नाम से लालकार्ड है और शौचालय बना है। जबकि एक भी डिसमिल जमीन नहीं है।

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