यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नहीं छिपा पाएंगे महंगी खरीदारी, मोबाइल नंबर खोलेगा राज
आपके खरीदारी करने के बाद आपका मोबाइल नंबर ही सारा राज उगल देगा, इसके लिए आयकर विभाग प्रोजेक्ट इनसाइड प्लेटफार्म लागू करने के लिए तैयार है।

लखनऊ (जागरण संवाददाता)। चमचमाते शापिंग माल में डिजिटल पेमेंट या फिर कैश पर की गई महंगी खरीदारी का पता अब आप नहीं छिपा सकेंगे। यदि आपने महंगी खरीदारी की है और इसको अपने रिटर्न में शामिल नहीं किया है तो सीधी कार्रवाई आप पर होगी। आयकर विभाग ने इसके लिए नायाब तरीका खोजा है।
आपके खरीदारी करने के बाद आपका मोबाइल नंबर ही सारा राज उगल देगा। इसके लिए आयकर विभाग प्रोजेक्ट इनसाइड प्लेटफार्म लागू करने के लिए तैयार है। दरअसल केंद्र सरकार के निर्देश पर ही उपभोक्ताओं के बैंक खातों को पैन से जोड़ा गया है। जबकि आधार को भी मोबाइल नंबर से जोड़ने का काम चल रहा है। मोबाइल नंबर के आधार से जुड़ने पर आपके पैन और बैंक खाते की डिटेल आसानी से आयकर विभाग तक पहुंच जाएगी।
अब यदि आप किसी शापिंग माल में महंगी खरीदारी करते हैं या फिर महंगी कार और मोटरसाइकिल जैसे वाहन खरीदते हैं, तो उसका भुगतान करते समय दर्ज होने वाले मोबाइल नंबर की डिटेल सीधे आयकर विभाग के पास पहुंच जाएगी। इसके लिए एक केंद्रीयकृत मॉनीटरिंग सिस्टम काम करेगा।
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आयकर विभाग के पास मैन पावर इतना नहीं है जिससे पूरे देश में एक साथ नजर रखी जा सके। इसके लिए आयकर विभाग ने एक सरल और सटीक व्यवस्था अपनाने का निर्णय लिया है। बस उपभोक्ता का मोबाइल नंबर ही सारा राज उगल देगा।
उपभोक्ता जैसे ही बिलिंग करते समय अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराएगा, उसके लेनदेन का एक रिकार्ड प्रोजेक्ट इनसाइड प्लेटफार्म पर खुद ब खुद तैयार हो जाएगा।
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ऐसे होगी पकड़: आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक दिल्ली सहित कई जोन में एक मॉनीटरिंग सिस्टम बनेगा। अब जैसे ही मोबाइल नंबर से यह पता चलेगा कि किस शहर या गांव में किस व्यक्ति के बैंक खाते से कितनी बड़ी रकम से खरीदारी हुई है। आयकर विभाग की टीम उसकी जांच करेगी। यदि उस व्यक्ति ने अपने रिटर्न में महंगी खरीदारी को नहीं दर्शाया तो सीधे उसके क्षेत्र में तैनात आयकर अधिकारी को सूचित किया जाएगा।
