यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चुनाव के समय भाजपा-सपा को अयोध्या की याद क्यों : मायावती
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी पर धर्म की राजनीति व चुनावी लाभ से जोड़कर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।

लखनऊ (जेएऩएन)। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी पर धर्म की राजनीति व चुनावी लाभ से जोड़कर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आज जारी बयान में कहा है कि अब प्रदेश में होने वाले विधानसभा आम चुनाव से ठीक पहले अयोध्या में केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा रामायण संग्रहालय और प्रदेश की सपा सरकार द्वारा रामलीला थीम पार्क बनाने की याद आई है, परन्तु समुचित बजट प्रावधानों के अभाव में सरकार के ऐसे फैसले मात्र कागजी घोषणाएं बनकर क्या नहीं रह जायेंगी?
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मायावती ने कहा है कि अयोध्या को पर्यटन के लिहाज से विकसित करना अच्छी बात है, परन्तु अब जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के संबंध में शीघ्र ही तिथियों की घोषणा होने वाली है तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार को अयोध्या में रामायण संग्रहालय बनाने की याद आई है। इसी तरह प्रदेश की सपा सरकार के लिए अब चला-चली की बेला है तो मंत्रिमण्डल द्वारा अयोध्या के रामलीला केन्द्र में ‘थीम पार्क बनाने का फैसला किया गया है।
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इस प्रकार केन्द्र की भाजपा व प्रदेश की सपा सरकार द्वारा धर्म को राजनीतिक व चुनाव लाभ से जोड़ने का प्रयास निन्दनीय है। अगर इन दोनों ही सरकारों की नीयत इन मामलों में सही व साफ होती तो यह काम काफी पहले ही शुरू कराया जा सकता था। दोनों ही सरकारों को यह ध्यान देना होगा कि ऐसे निर्माणों के मामले में अयोध्या के विवादित रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद परिसर की भूमि प्रभावित नहीं हो, क्योंकि इसके मालिकाना हक के मामले में विवाद उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिए लंबित है।
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बसपा अध्यक्ष ने कहा कि सपा सरकार के साथ-साथ केन्द्र सरकार के मंत्रियों द्वारा भी आए दिन आधे-अधूरे ढंग से विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास कार्यक्रम किया जा रहा है। वे अन्य घोषणाएं केवल यहां होने वाले चुनाव को ध्यान में रखकर ही कर रहे हैं। यह सब लोगों को बरगलाने व उनकी आंखों में धूल झोंकने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ही सपा ने मदरसा शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने व गरीबों को सस्ते आवास देने संबंधी फैसला किया है। वास्तव में इस प्रकार के जो भी फैसले राजनीतिक व चुनावी लाभ को ध्यान में रख कर आपाधापी में लिए जाते हैं, उनका लाभ लोगों को सही व जल्दी नहीं मिल पाता है। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की होड़ सपा व भाजपा दोनों ही सरकारों में लगातार लगी हुई है, प्रदेश की जनता को इस प्रकार के बहकावे में नहीं आकर काफी सावधान रहने की जरुरत है।
