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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नारायण साई के चक्कर में दो लोगों से कड़ी पूछतांछ

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Published: Sun, 01 Dec 2013 12:57 PM (IST)Updated: Sun, 01 Dec 2013 06:59 PM (IST)

लखनऊ। भगोड़ा घोषित कथावाचक आसाराम के बेटे नारायण साईं को पकड़के के चक्कर में आज स

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लखनऊ। यौन उत्पीड़न के मामले में वांछित आसाराम के बेटे नारायण साई के फेर में रविवार सुबह अलीगढ़ की इगलास पुलिस ने सफेद रंग की स्कॉर्पियो समेत दो लोगों को पकड़ लिया, जिन्हें पूछताछ के बाद शाम को छोड़ दिया गया।

शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो खंदौली (आगरा) में यमुना एक्सप्रेस-वे पर टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर मथुरा की तरफ भाग रही है। स्कॉर्पियो में वांछित नारायण साई सवार है। खबर मिलते ही अलीगढ़, आगरा व मथुरा पुलिस अलर्ट हो गई। तीन घंटे तक वाहनों की चेकिंग की। जिस नंबर की स्कॉर्पियो की पुलिस को तलाश थी, रविवार सुबह साढ़े नौ बजे उसके मथुरा से अलीगढ़ की तरफ आने की खबर मिली तो फिर चेकिंग शुरू हुई। इगलास पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसमें सवार दो लोगों को हिरासत में ले लिया। नारायण साई के फेर में पकड़े गए लोगों ने अपने नाम अमित भारद्वाज निवासी बरौली, जवां (अलीगढ़) हाल निवासी गणेश आश्रम, वृंदावन (मथुरा) व ऋषि कुमार शर्मा निवासी बढ़ेरा (आगरा) हाल निवासी गणेश आश्रम, वृंदावन बताए। अमित का हुलिया नारायण साई से मिलता-जुलता है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो को छोड़ने अलीगढ़ गांधीपार्क बस अड्डे जा रहे थे। शनिवार को टोल प्लाजा का बैरियर तोड़ने के बारे में दोनों कुछ नहीं बता पाए। नारायण साई के पकड़े जाने की अफवाह के बाद इगलास कोतवाली पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ को देख पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए मडराक थाने गई। यहां काफी देर पूछताछ के बाद शाम को दोनों छोड़ दिए गए। स्कॉर्पियो को थाने में खड़ा करा लिया।

एसपी देहात आशाराम यादव ने बताया कि नारायण साई के देखे जाने की सूचना पर चेकिंग कराई गई थी। पकड़ी गई स्कॉर्पियो का मालिक हेमराज पुत्र वीरपाल सिंह निवासी फरीदाबाद बताया गया है। स्कॉर्पियो का नंबर एचआर-51-एवी-5156 है।

दोस्त ले गया था गाड़ी: पकड़ी गई स्कॉर्पियो को हेमराज ने श्याम नगर (अलीगढ़) निवासी अजीत पुत्र लखपतराम गुप्ता को बेच दिया था, मगर गाड़ी उसके नाम ट्रांसफर नहीं हो सकी है। अजीत ने बताया कि शनिवार को उसकी स्कॉर्पियो को उसका दोस्त लव निवासी प्रतिभा कॉलोनी (अलीगढ़) दर्शन करने के लिए वृंदावन ले गया था। स्कॉर्पियो के साथ पकड़े गए दोनों लोगों को वह नहीं जानता है। उनके बारे में जानने के लिए लव से मोबाइल पर बात करने की कोशिश की, मगर उसका फोन बंद था।

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