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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कैराना-मथुरा मामलों में सपा-बसपा जुगलबंदी की सियासत : केशव

By Nawal MishraEdited By:
Published: Wed, 15 Jun 2016 08:53 PM (IST)Updated: Wed, 15 Jun 2016 08:58 PM (IST)

भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य ने सपा-बसपा पर हमला बोला। कैराना पलायन और मथुरा कांड में सपा को कठघरे में ...और पढ़ें

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लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। प्रयाग में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में सपा-बसपा के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाने की रणनीति के बाद पार्टी ने अब मोर्चा खोल दिया है। परिवर्तन रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका आगाज किया और आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ मुख्यालय में सपा-बसपा पर जमकर हमला बोला। कैराना से हिंदू परिवारों के पलायन और मथुरा की घटना में उन्होंने सपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया तो बसपा सुप्रीमों मायावती पर अन्तर्विरोध से ग्रस्त होने का आरोप लगाया। आज लखनऊ में पत्रकार वार्ता में केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कैराना मामले पर मीडिया और भाजपा को घेरने के बजाय वहां का सच बताएं। केशव ने कहा कि कैराना के अलावा प्रदेश में और भी कई जगह अपराधियों की दहशत और समुदाय विशेष द्वारा पैदा किये जा रहे आतंक और भय से पलायन हो रहा है। जनता को सुरक्षा देना और अपराधियों को दंडित करना सरकार का कार्य है लेकिन सरकार अपना कर्तव्य भूल गयी है। उन्होंने मायावती पर भी प्रहार किया। बोले कि बसपा कैराना के मामले में कहती है कि सपा की सरकार भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए और दूसरी ओर आरोप लगाती है कि भाजपा दंगा कराने के लिए वातावरण बना रही है। दोनों बातें एक साथ कैसे हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की जांच टीम कैराना के सच पर अपनी रिपोर्ट देगी और शुक्रवार को इसको जारी किया जाएगा। इसके बाद पार्टी संघर्ष की रूपरेखा तैयार करेगी। भाजपा अध्यक्ष ने बसपा सुप्रीमो पर तंज कसते हुए कहा कि वह जवाहर बाग कांड के लिए सीबीआइ की मांग करती हैं और दूसरी तरफ केंद्र सरकार पर सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगाती हैं। उन्होंने सपा-बसपा के बीच साठ-गांठ का उदाहरण देते हुए कहा कि बसपा सुप्रीमो ने सरकार बनाने के बाद कहा था कि सपा सरकार के अपराधियों को जेल भेजेंगी लेकिन सपा से अंदरूनी समझौते के चलते उन्होंने सैफई परिवार के किसी व्यक्ति को जेल नहीं भेजा। यही वादा अखिलेश यादव ने भी 2012 में किया लेकिन उन्होंने भी गठबंधन निभाया। कहा कि सपा-बसपा की जुगलबंदी जनता समझ चुकी है।