यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सिर्फ एक शर्त पर अखिलेश यादव से समझौता करने को तैयार शिवपाल यादव
शिवपाल सिंह यादव ने यह बात दोहराई है कि अगर नेताजी को सही सम्मान मिले तो वह समझौते के लिए ...और पढ़ें

लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी परिवार में लंबे समय से चल रहे विवाद पर विराम लगाने की पहल पार्टी के विधायक तथा वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने की है। शिवपाल सिंह यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ सिर्फ एक शर्त पर समझौता करने को तैयार हैं।
शिवपाल सिंह यादव ने कल लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव के साथ समझौता करने की बात कही है। शिवपाल यादव ने कहा कि जिस तरह से नेताजी का अपमान किया गया उसके बाद अखिलेश यादव के तमाम विकास के काम फीके पड़ गए। एक बार फिर उन्होंने यह बात दोहराई है कि अगर नेताजी को सही सम्मान मिले तो वह समझौते के लिए तैयार हैं। शिवपाल सिंह यादव ने सिर्फ एक शर्त अखिलेश यादव के सामने रखी है। शिवपाल ने कहा कि अखिलेश यादव अगर नेताजी (मुलायम सिंह यादव) का सम्मान (राष्ट्रीय अध्यक्ष पद) वापस कर दें तो वह समझौता करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी के सम्मान से बड़ी विरासत उनके पास और कुछ भी नहीं है। वह नेताजी के सम्मान की खातिर अपना सब गंवाने तो तैयार हैं। उनके सम्मान के सामने सारी दौलत व शोहरत बेकार है।
नेता जी का सम्मान होना चाहिए। सबका सम्मान होता तो प्रदेश में सपा की सरकार बनी होती। अखिलेश ने जो कहा था कि तीन महीने बाद नेता जी को अध्यक्ष पद सौंप देंगें। वह भी पूरा नही किया। अभी भी चेत जाएं। इंसान को अपनी जुबान पर भरोसा करना चाहिए। बात विवाद तो परिवार,पार्टी में होता रहता है। आपस मे बैठ कर बात कर लेनी चाहिए। हमने तो सिर्फ यही विरोध किया था कि जो लोग सरकार और पार्टी संगठन में है वह गलत काम ना करें,जिससे सरकार और पार्टी की छवि खराब हो।
अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि आप चाहे जितना विकास काम करा लीजिए, लेकिन अगर आपने अपमान किया तो आप सफल नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी का अपमान करने की वजह से अखिलेश यादव का सारा विकास का काम फीका पड़ गया। नेताजी का अपमान करने की वजह से अखिलेश यादव को हार का सामना करना पड़ा।
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उन्होंने कहा अखिलेश यादव घमंडी हैं, चापलूसों और कानाफूसी करने वालों की बात में आकर उन्होंने नेताजी का अपमान किया।
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शिवपाल यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा था कि वह चुनाव के बाद पार्टी की कमान नेताजी को सौंप देंगे, लेकिन अभी अखिलेश यादव ने अपना वायदा पूरा नहीं किया, अगर अब भी नेताजी का सम्मान वापस किया जाए तो हमारा आपस में समझौता हो सकता है।
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शिवपाल सिंह यादव मलिहाबाद के कसमण्डी कलां गांव के ज्ञानदीप इण्टर कालेज में आम की दावत में शामिल होने आए थे। करीब सवा घण्टे तक रुके शिवपाल ने मलिहाबाद की बागों की विभिन्न किस्मों के आम का स्वाद लेने के साथ ही युवाओं को संघष के लिए तैयार रहने की सीख दी।
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शिवपाल यादव ने कहा कि युवाओं को हमेशा संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।
