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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बागपत से सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह मोदी मंत्रिमंडल में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री

By amal chowdhuryEdited By:
Published: Sun, 03 Sep 2017 11:04 AM (IST)Updated: Sun, 03 Sep 2017 01:47 PM (IST)

डॉ. सिंह का जन्म 29 नवंबर, 1955 को बागपत के बसौली गांव में हुआ था, उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में एमफिल की डिग्री हासिल की।

बागपत से सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह मोदी मंत्रिमंडल में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री
बागपत से सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह मोदी मंत्रिमंडल में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री

लखनऊ (जेएनएन)। रविवार को मोदी कैबीनेट का तीसरा विस्तार किया गया। मंत्रीमंडल के इस विस्तार में यूपी के बागपत से सांसद और मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर डॉ. सत्यपाल सिंह को मानव संसाधन विकास मंत्रालय का राज्य मंत्री बनाया गया है। पहले मुंबई क्राइम ब्रांच में जेसीपी और फिर मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद पर रहकर अंडरवर्ड की कमर तोड़ने वाले सत्यपाल सिंह राजनिति में अब नई पारी शुरू करने जा रहे हैं।

डॉ. सिंह का जन्म 29 नवंबर, 1955 को बागपत के बसौली गांव में हुआ था। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में एमफिल की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से नक्सलिज्म पर शोध भी किया। 1980 में महाराष्ट्र कैडर से उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा में हुआ।

सन 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी है डॉ. सत्यपाल: बता दें कि महाराष्ट्र कैडर के सन 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. सिंह की पहली पोस्टिंग नागपुर के एएसपी के तौर पर हुई थी। इसके बाद उन्हें बुलधाना का पुलिस अधीक्षक बनाया गया। वहीं, मुंबई पुलिस कमिश्नर बनने से पहले डॉ. सिंह मुंबई क्राइम ब्रांच में जेसीपी (जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस) के पद पर तैनात रहे।

अडंरवर्ड की तोड़ने में उनका अहम योगदान: इस दौरान मुंबई में अडंरवर्ड की तोड़ने में उनका अहम योगदान रहा। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए। 2012 में वे मुंबई पुलिस कमिश्नर बने। डॉ. सिंह ने अभी तक के सफर में अपनी हर जिम्मेदारी को बखूबी अंजाम दिया है और उसे एक खास मुकाम तक पहुंचाया है। चाहे पढ़ाई का क्षेत्र रहा या फिर नौकरी का, राजनीतिक क्षेत्र रहा हो या फिर सामाजिक जिम्मेदारी का सत्यपाल सिंह हर कसौटी पर खरे उतरे हैं।

ऐसे हुई राजनीतिक करियर की शरूआत: 31 जनवरी, 2014 को डॉ. सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के लिए आवेदन किया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी उनका आवेदन स्वीकार कर लिया। इसके बाद 2 फरवरी को उन्होंने मेरठ में भारतीय जनता पार्टी की एक रैली में नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

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आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह को रिकॉर्ड वोटो से दी मात: इसके बाद बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में उन्हेंतत्कालीन नागर विमानन मंत्री तथा राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष अजीत सिंह के खिलाफ बागपत लोकसभा सीट से खड़ा किया। सत्यपाल सिंह ने यह सीट 2 लाख से अधिक मतों से जीतकर रिकॉर्ड कायम किया। दरअसल, बीजेपी ने इस सीट पर पहली बार जीत हासिल की क्योंकि अजीत सिंह का इस सीट पर 1989 से कब्जा था। 

उमा भारती ने अपनी नामौजूदगी पर किया ट्वीट: शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री उमा भारती के मौजूद नहीं रहने पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वो वाराणसी में नहीं बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र झांसी के ललितपुर में हूैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई: वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल, निर्मला सीथारमन और मुख्तार अब्बास नकवी को ट्वीट के जरिए बधाई दी।

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