यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चित्रकूट, विंध्याचल और बरसाना में रोप-वे
उत्तर प्रदेश सरकार चित्रकूट, विंध्याचल के अष्टभुजा-कालीखोह और मथुरा के बरसाना क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए सार्वजनिक निजी ...और पढ़ें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार चित्रकूट, विंध्याचल के अष्टभुजा-कालीखोह और मथुरा के बरसाना क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा के लिए सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर रोप-वे परियोजना को अमली जामा पहना रही है। परियोजनाओं को अमली जामा पहनाने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के मकसद से प्रमुख सचिव पर्यटन नवनीत सहगल ने विभागीय अधिकारियों और विकासकर्ताओं के साथ बैठक की और अक्टूबर तक परियोजनाओं को चालू करने का निर्देश दिया।
सहगल ने बताया कि चित्रकूट और विंध्याचल में रोप-वे स्थापित करने के लिए उप्र पर्यटन राज्य विकास निगम को नोडल एजेंसी नामित किया गया है जिसने मेसर्स चित्रकूट रोप-वे प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स विंध्याचल रोप-वे प्राइवेट लिमिटेड का विकासकर्ताओं के रूप में चयन कर लिया है। चित्रकूट और विंध्याचल में परियोजनाओं के लिए जमीन की व्यवस्था करने के साथ ही विकासकर्ता को काम शुरू करने के लिए साइट हस्तांतरित कर दी गई है। बरसाना में परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाया गया है जो कि विकासकर्ता के चयन के लिए कार्यवाही कर रहा है।
बैठक में प्रमुख सचिव ने चयनित विकासकर्ताओं को चित्रकूट और विंध्याचल में परियोजना के लिए बिजली कनेक्शन लेकर तत्काल काम शुरू करने का निर्देश दिया है। विंध्याचल में कालीखोह और अष्टभुजा में जमीन की व्यवस्था करने में आ रहीं कठिनाइयों को दूर करने के लिए जिलाधिकारी मीरजापुर को निर्देश दिया गया। बरसाना में परियोजना के सिलसिले में प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट और वन विभाग से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है तथा 3600 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराने के लिए उद्यान विभाग से अनुरोध किया गया है।
