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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में जीएसटी का रास्ता साफ, कानून को कैबिनेट की मंजूरी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 27 Jun 2017 09:52 PM (IST)Updated: Tue, 27 Jun 2017 10:11 PM (IST)

पहली जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी का रास्ता साफ करने के लिए कैबिनेट बैठक में उप्र माल और सेवा ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में जीएसटी का रास्ता साफ, कानून को कैबिनेट की मंजूरी
उत्तर प्रदेश में जीएसटी का रास्ता साफ, कानून को कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ (जेएनएन)। पहली जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी का रास्ता साफ करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उप्र माल और सेवा कर नियम, 2017 को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट ने उप्र माल और सेवा कर अधिनियम के तहत माल पर कर की दरें तय करने, कतिपय माल को करमुक्त किये जाने और विभिन्न कार्यवाहियों में विलंब के लिए ब्याज की दरों पर निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। कर्मचारी राज्य बीमा योजना को मजबूत करने के लिए संविदा पर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति, उप्र पंचायत अधिनियम में संशोधन और उन्नाव की गंगागंज नगर पालिका के सीमा विस्तार के प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुगलसराय नगर पालिका का नाम बदल कर दीनदयाल नगर करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगायी है। 

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जीएसटी नियमों को मंजूरी  

राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जिन व्यापारियों का सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से कम है उनको पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है। जिनका सालाना कारोबार 75 लाख रुपये तक है उन पर एकमुश्त समाधान योजना लागू होगी। इसके तहत व्यापारियों, उद्यमियों और रेस्टोरेंट वालों को क्रमश: एक, दो और पांच फीसद कर जमा करना होगा।जीएसटी के दायरे में आने वाले व्यापारी को सालाना के साथ हर तीसरे महीने रिटर्न भरना होगा। आम लोगों के रोजमर्रा के प्रयोग में आने वाली वस्तुओं पर कर की दरें कम रखी गई हैं। मसलन खाने-पीने की तमाम चीजों शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई कर नहीं होगा। रोजमर्रा के प्रयोग की चीजें मसलन काफी, दूध पाउडर, ड्राई फ्रूट, घरेलू प्रयोग की रसोई गैस, 500 रुपये तक केजूते एवं चप्पल, एक हजार तक के मूल्य तक के रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी की दर पांच फीसद रखी गई है।

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मुगलसराय अब दीनदयाल नगर

मुगलसराय नगर पालिका का नाम अब दीनदयाल नगर होगा। इसी क्रम में मुगलसराय जंक्शन का नाम दीनदयाल नगर रखने के लिए प्रदेश सरकार की सहमति और संस्तुति रेल, और गृह मंत्रालय के अलावा भारत सरकार को भेजे जाने का भी फैसला लिया गया।मुगलसराय के मुख्य मार्ग का नाम दीनदयाल के नाम पर करने, उसके प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा लगाने और उसका नाम दीनदयाल चौक करने का भी निर्णय कैबिनेट ने लिया। मालूम हो कि मुगलसराय जंक्शन पर ही पं. दीनदयाल उपाध्याय का शव मिला था। भाजपा इस साल उनका जन्म शताब्दी वर्ष मना रही है। 

गंगाघाट पालिका परिषद का दायरा बढ़ा

उन्नाव जिले की गंगाघाट नगर पालिका परिषद का दायरा बढ़ेगा। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक गंगाघाट पालिका परिषद में दो राजस्व ग्राम कटरी पीपर खेड़ा (मोहल्ला प्रेमनगर, ब्रह्मनगर, अहमदनगर, आलमनगर और रविदास नगर) और मझरा पीपर खेड़ा अहतमाली (मोहल्ला राम नगर, नाथू खेड़ा, परमसुख खेड़ा, भातूफार्मा, बिंदानगर और रहमत नगर) को शामिल कर सीमा विस्तार का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि डीएम उन्नाव ने दो मार्च, 2015 को तत्कालीन सपा सरकार के पास इस आशय का प्रस्ताव भेजा था।