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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मायावती को लेकर मुख्तार अंसारी बोले- सदन में न बोलने देना लोकतंत्र की हत्या

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Tue, 18 Jul 2017 03:09 PM (GMT+05:30)

मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी ने कहा कि बसपा मुखिया मायावती को आज राज्यसभा में बोलने से रोकने का प्रयास ...और पढ़ें

मायावती को लेकर मुख्तार अंसारी बोले- सदन में न बोलने देना लोकतंत्र की हत्या
मायावती को लेकर मुख्तार अंसारी बोले- सदन में न बोलने देना लोकतंत्र की हत्या

लखनऊ (जेएनएन)। बहुजन समाज पार्टी के विधायक मुख्तार अंसारी ने आज पार्टी की मुखिया मायावती के पक्ष में जोरदार बयान दिया। लखनऊ में आज विधानसभा की कार्यवाही में विपक्ष के बहिष्कार के बीच में मुख्तार अंसारी ने साफ कहा कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। 

माफिया से राजनीति का सफर करने वाले मुख्तार अंसारी मऊ से विधायक हैं। मुख्तार ने कहा कि बसपा मुखिया मायावती को आज राज्यसभा में बोलने से रोकने का प्रयास लोकतंत्र की हत्या है। राज्यसभा सदस्य मायावती को सदन में न बोलने देना लोकतंत्र की हत्या है। उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा ले रहे बसपा विधायक मुख्तार अंसारी ने कहा है कि सदन में नहीं बोलने देना, लोकतंत्र की हत्या है। मुख्तार ने कहा कि विपक्ष के मुंह पर ताला लगाने से लोकतंत्र कमजोर होगा। समाजवादी पार्टी के एमएलसी उदयवीर सिंह ने भी मायावती का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें बोलने नहीं देने की घटना लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की पीठ के साथ ही सरकार को मामले का संज्ञान लेना चाहिए। सरकार आती-जाती रहती है, विपक्ष का सम्मान होना चाहिए। किसी भी दल से विपक्ष में बोलने का हक नहीं छीना जा सकता।

संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज उस वक्त हंगामे की भेंट चढ़ गया जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने संसद से इस्तीफे की धमकी दी। मायावती ने उत्तर प्रदेश में हो रहे दंगों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सदन की कार्यवाही के दौरान उन्होंने कहा, मेरी बात नहीं सुनी गई तो मैं इस्तीफा दे दूंगी। इसके बाद वह राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से बाहर चली गईं। मायावती ने कहा कि मैं जिस समाज से आती हूं यदि उनके हित की बात आगे नहीं रख सकती तो मुझे आज ही राज्यसभा में बने रहने का अधिकार नहीं है। इस बीच समय की कमी के कारण सभापति ने उन्हें बोलने से रोका तो उन्होंने इस्तीफे की धमकी दे दी।