यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मेरठ कमिश्नर करेंगे सहारनपुर दंगे की जांच
लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। सहारनपुर दंगा की वजह तलाशने के लिए मंत्री समूह गठित करने के दूसरे दिन राज्य

लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। सहारनपुर दंगा की वजह तलाशने के लिए मंत्री समूह गठित करने के दूसरे दिन राज्य सरकार ने मेरठ के मंडलायुक्त भूपेन्द्र सिंह को प्रशासनिक जांच अधिकारी नामित किया है। उन्हें सहारनपुर में रहकर दो हफ्ते में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
गृह विभाग के प्रवक्ता व एडीजी कमल सक्सेना ने बताया कि मेरठ के मंडलायुक्त को मुख्य रूप से चार बिंदुओं की जांच करनी है। एक- घटना का मुख्य कारण क्या था और क्या ऐसे मामले को रोकने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई हुई थी। दो- घटना न रोक पाने की वजह क्या थीं। कौन अधिकारी कितना जिम्मेदार हैं। किस सीमा तक उन्हें दंड दिया जाना चाहिए। तीन-चल व अचल सम्पत्ति के नुकसान का आकलन। उन्हें प्रशासन द्वारा तैयार नुकसान के आकलन की रिपोर्ट का सत्यापन भी करना है और चौथे बिंदु में उन्हें ऐसे मामलों को रोकने के लिए उठाये जाने वाले कदम के लिए सुझाव देना है।
अब तक 56 गिरफ्तार : कमल सक्सेना ने बताया कि जांच अधिकारी के सहारनपुर में कैम्प करने की तारीख तय हो गई है। दूसरी ओर पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सहारनपुर में शुक्रवार की सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई थी, इस दौरान पूरी तरह से शांति बनी रही। प्रवक्ता ने बताया कि उपद्रव के बाद से अब तक जान-माल के नुकसान से जुड़े 96 मुकदमें दर्ज कराये जा चुके हैं। पुलिस ने 56 लोगों को गिरफ्तार किया है। 53 लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गयी है। पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। उपद्रव में मारे गये लोगों को आश्रितों को दस-दस लाख रुपये की आर्थिक मदद, गंभीर रूप से घायल नौ लोगों को पचास-पचास हजार और मामूली रूप से घायल 21 लोगों को 20-20- हजार की आर्थिक मदद दी जा रही है। गौरतलब है कि सरकार प्रशासनिक जांच दल गठित करने से पहले दंगा की जांच के लिए वरिष्ठ मंत्री शिवपाल ंिसह की अगुवाई में मंत्री समूह का गठन किया है। यह दल भी जल्द ही अपनी जांच शुरू करेगा।
