यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शीत में सैलानियों को तरसा पर्यटन उद्योग
लखनऊ। दुनिया को दीवाना बनाने वाले आगरा के ताजमहल का आकर्षण अब शायद कम हो रहा है। इसे द

लखनऊ। दुनिया को दीवाना बनाने वाले आगरा के ताजमहल का आकर्षण अब शायद कम हो रहा है। इसे देखने की हसरतें कम हो रही हैं। 2013 में सैलानियों की आमद के आंकड़े खुद गवाही देते नजर आते हैं। इस बार न मंदी थी और न कोई बड़ी आतंकी घटना या बवाल फिर भी सैलानियों की आमद घटी है। इससे हर साल आमद बढ़ने का ताजनगरी का रिकार्ड दरक गया और पर्यटन उद्योग के लिए खतरे की घंटी बज गई है।
पर्यटन सूत्रों का कहना है कि पर्यटकों में गिरावट किसी खास वजह से होती है। वर्ष 2009 में विश्वव्यापी मंदी के चलते सैलानियों की संख्या घटी। इसके बाद 2012 तक हर साल पर्यटकों की आमद में इजाफा रहा। परंतु इस साल ऐसी कोई वजह नहीं थी। ऊपर से सूबे की सरकार पर्यटन को अपनी प्राथमिकता में शामिल किए है। नए आकर्षण विकसित करने और सुविधाएं मुहैया कराने को नित नई कसरतें हो रही हैं। परंतु इसके बाद बावजूद सैलानियों की आमद में कमी की शुरुआत जनवरी में ही हो गई थी। जनवरी में बीते साल के मुकाबले छह हजार सैलानी कम आए।
इसके बाद फरवरी और मार्च में आमद बढ़ी, लेकिन गर्मियां शुरू होते ही लगातार दो महीने आमद फिर घटी। जून में सैलानी थोड़े से बढ़े, लेकिन बीते अक्टूबर तक आमद पिछले साल के मुकाबले कम ही रही। नवंबर में भारतीय पर्यटकों की आमद तो बढ़ी, लेकिन विदेशी सैलानियों की आमद कम हो गई।
उपाध्यक्ष ली पैसेज टू इंडिया राजेश शर्मा ने बताया कि पर्यटकों की आमद इस बार बीते साल के मुकाबले काफी कम रही है। यह बहुत चिंताजनक स्थिति है। यदि नए आकर्षण व सुविधाएं जल्द विकसित न हुई तो ताजनगरी के पर्यटन को बड़ा नुकसान होगा। टूरिज्म गिल्ड के राजीव सक्सेना ने बताया कि इस साल पर्यटकों की आमद उम्मीद के अनुरूप नहीं है। सड़कों की खराब स्थिति, जाम और सैलानियों के साथ हुई घटनाएं आदि भी इसकी वजह है। अब भी यदि सुविधाओं और आकर्षणों को लेकर संजीदगी न दिखाई गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि पर्यटन उद्यमी दिसंबर से उम्मीद लगाए थे, सैलानियों की आमद के लिहाज से यह माह सबसे अधिक अहम होता है। लेकिन दिसंबर में भारतीय और विदेशी, दोनों पर्यटक बीते साल के मुकाबले कम आए।
तुलनात्मक विवरण (लाख में)
माह - वर्ष 2012 - वर्ष 2013
जनवरी - 4.48 - 2.24
फरवरी - 4.49 - 4.80
मार्च - 5.20 - 6.17
अप्रैल - 4.49 - 4.48
मई- 5.91 - 4.31
जून - 3.79 - 4.94
जुलाई - 4.18 - 3.41
अगस्त - 5.96 - 5.14
सितंबर - 4.96 - 4.17
अक्टूबर - 5.86 - 5.38
नवंबर - 5.59 - 5.59
दिसंबर - 5.30 - 4.67
कितने भारतीय पर्यटक
वर्ष - पर्यटक
2010 - 40.81 लाख
2011 - 46.04 लाख
2012 - 52.34 लाख
2013 - 50.94 लाख
कितने विदेशी पर्यटक
साल - पर्यटक
2010 - 6.17 लाख
2011 - 6.79 लाख
2012 - 7.90 लाख
2013 - 5.40 लाख
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