यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केशव प्रसाद ने रामलला से मांगा '265 प्लस' का आशीर्वाद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने आज फैजाबाद-अयोध्या में रामलला से 2017 के लिए '265 प्लस' का आशीर्वाद मांगा। ...और पढ़ें

लखनऊ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने आज फैजाबाद-अयोध्या में रामलला से 2017 के लिए '265 प्लस' का आशीर्वाद मांगा। अपने जन्म दिन पर रामलला व बजरंगबली का दर्शन-पूजन करने आए केशव ने यह भी साफ किया कि राममंदिर चुनावी मुद्दा नहीं होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा संतों के हर फैसले का सम्मान करेगी, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में है। उम्मीद है कि कोर्ट जल्द ही इस मसले पर अपना फैसला सुनाएगा। इस दौरान वह रामसनेही घाट से लेकर अयोध्या तक भव्य स्वागत से भी गदगद दिखे।
केशव ने कहा कि वर्ष 2014 में नारा कांग्रेस मुक्त देश था, जबकि 2017 में भाजपा का नारा एसपी-बीएसपी मुक्त उत्तर प्रदेश होगा। उन्होंने कहाकि बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जल संकट व्याप्त है, लेकिन सपा सरकार इस मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है। बुंदेलखंड की जनता पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन सपा सरकार को यह संकट नजर नहीं आता। इसी से साफ हो जाता है कि सपा सरकार जन आकांक्षाओं के प्रति कितनी संवेदनशील है।
कारसेवकपुरम में पत्रकारों से वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने कहाकि प्रदेश का अगला विधान सभा चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाएगा और बेरोजगारी, गरीबी, खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया जाएगा। कारसेवक पुरम में हुई परिचय सभा में उन्होंने कार्यकर्ताओं को पीएम से लेकर सीएम तक बनने का सपना दिखाया। कहाकि भाजपा ही ऐसा दल है, जिसमें छोटे से छोटा कार्यकर्ता बड़े से बड़े पद तक पहुंच सकता है, जबकि कांग्रेस, सपा और बसपा में ऐसी कल्पना भी नहीं की जा सकती। कांग्रेस और सपा परिवार से शुरू और परिवार से ही खत्म होती है, जबकि बसपा मुखिया मायावती के सामने मुंह खोलने की भी मनाही है। उन्होंने कहाकि कार्यकर्ताओं के पसीने के सम्मान की रक्षा वह खून की अंतिम बूंद तक करेंगे। उन्होंने कहाकि भाजपा कार्यकर्ताओं में हनुमान जैसी शक्ति है और अब यह कार्यकर्ता अगले विस चुनाव में प्रदेश में भाजपा का वनवास खत्म करेंगे। मणिरामदास जी की छावनी में उन्होंने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास व अन्य संतों से मुलाकात की।
