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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पहली बार सैनिक स्कूल में मिलेगा बेटियों को दाखिला

By Nawal MishraEdited By:
Published: Wed, 20 Sep 2017 07:28 PM (IST)Updated: Thu, 21 Sep 2017 07:01 PM (IST)

देश का पहला सैनिक स्कूल अब एक नया इतिहास रचने जा रहा है। बेटों को सेना का अफसर बनाने वाले यूपी सैनिक स्कूल में अप्रैल से बेटियों के एडमिशन होंगे।

पहली बार सैनिक स्कूल में मिलेगा बेटियों को दाखिला
पहली बार सैनिक स्कूल में मिलेगा बेटियों को दाखिला

लखनऊ (जेएनएन)। देश का पहला सैनिक स्कूल अब एक नया इतिहास रचने जा रहा है। अब तक बेटों को सेना के तीनों अंगों का अफसर बनाने वाले यूपी सैनिक स्कूल में अप्रैल से बेटियों के एडमिशन होंगे। उनको चार साल तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूपी सैनिक स्कूल में इस साल कक्षा नौ में बेटियों को एडमिशन मिलेगा। इसका फार्म 25 सितंबर से ऑनलाइन भरा जाएगा, जबकि शैक्षिक सत्र अप्रैल, 2018 से शुरू होगा।

1960 में यूपी सैनिक स्कूल की स्थापना हुई थी। उस समय यह देश का पहला सैनिक स्कूल था। आज देश में 25 सैनिक स्कूल हैं। इनमें यूपी सैनिक स्कूल ही एकमात्र संस्थान है जो राज्य सरकार के अधीन है। जबकि अन्य सैनिक स्कूलों पर रक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार का नियंत्रण है। यूपी सैनिक स्कूल से पढऩे के बाद अब तक 1500 छात्र कैडेट देश की सेना के तीनों अंगों में अफसर बन चुके हैं। 

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ऑनलाइन मिलेंगे प्रवेश फार्म

यूपी सैनिक स्कूल में बालकों के लिए कक्षा सात और बालिकाओं के लिए कक्षा नौ से प्रवेश के फार्म 25 सितंबर से ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। विद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन फार्म भरना होगा। आवेदन फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर है। कक्षा नौ में प्रवेश के लिए बालिकाओं की उम्र न्यूनतम साढ़े 12 साल और अधिकतम 14 साल होनी चाहिए। प्रवेश के लिए तीन चरणों से गुजरना होगा। प्रवेश परीक्षा प्रदेश के नौ सेंटरों पर होगी। इंटरव्यू के बाद मेडिकल जांच होगी। इसके बाद प्रवेश के लिए एक मेरिट लिस्ट बनेगी। प्रधानाचार्य यूपी सैनिक स्कूल  कर्नल अमित चटर्जी ने बताया कि बालिकाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा क्योंकि अब उनके पास एनडीए के साथ ऑफिसर्स टे्रनिंग अकादमी और एनसीसी में सीधी एंट्री जैसे बेहतर विकल्प हैं।