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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kamlesh Tiwari Murder : पत्नी की हत्यारों को मृत्युदंड की मांग, सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया न्याय का भरोसा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 20 Oct 2019 09:58 AM (GMT+05:30)Updated: Sun, 20 Oct 2019 02:20 PM (GMT+05:30)

लखनऊ में कमलेश तिवारी की मां कुसुमा देवी पत्नी किरण देवी और पुत्र सत्यम रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।

Kamlesh Tiwari Murder : पत्नी की हत्यारों को मृत्युदंड की मांग, सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया न्याय का भरोसा
Kamlesh Tiwari Murder : पत्नी की हत्यारों को मृत्युदंड की मांग, सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिया न्याय का भरोसा

लखनऊ, जेएनएन। हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की शुक्रवार को दिन में हत्या से प्रदेश की राजधानी में सनसनी फैल गई। हत्या के तीन आरोपितों की शनिवार को सूरत में गिरफ्तारी के बाद भी लोगों का आक्रोश चरम पर है। इसी बीच आज कमलेश तिवारी के परिवार के लोगों ने लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। इस दौरान सीएम ने डीजीपी ओपी सिंह को तलब किया। 

अपने दोनों पुत्र तथा सास के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ से भेंट करने के बाद कमलेश तिवारी की पत्नी ने कहा कि हमारी मांग है कि हत्यारों को मृत्युदंड मिले। हमको सीएम योगी आदित्यनाथ ने न्याय का भरोसा दिया है। कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के साथ योगी आदित्यनाथ ने करीब 40 मिनट तक बातचीत की। हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के बाद रविवार को पीडि़त परिवार ने सीएम योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। कमलेश तिवारी के परिवारीजन ने 11 मांग का एक पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा है। मृतक कमलेश का परिवार लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहा है। खुर्शीद बाग का नाम बदलकर कमलेश बाग रखने के साथ ही अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। कुल 11 प्रमुख मांग को सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद पुलिस की टीम कमलेश तिवारी के परिवार के सदस्यों को लेकर सीतापुर रवाना हो गई। इनको मीडियाकर्मियों से बात नहीं करने दी गई। 

सीएम से मिला आश्वासन

हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि हम लोगों ने 11 मांगे की थीं। सभी मांगें पूरी हो गई हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वाशन दिया है। परिवार के साथ पुलिस ने जो अभद्रता की थी, उसकी शिकायत की गई है। एएसपी और एडीएम को जांच के निर्देश मिले हैं।

इस दौरान आनन-फानन में डीजीपी ओपी सिंह को भी तलब किया गया । डीजीपी ओपी सिंह को पांच कालीदास मार्ग बुलाया गया। एसआइटी प्रभारी आइजी एसके भगत भी पहुँचे। सीएम योगी आदित्यनाथ के डीजीपी ओपी सिंह को तलब करने के बाद वह भी रविवार को आनन-फानन में पांच कालीदास मार्ग पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कमलेश तिवारी के परिवार के सामने ही ओपी सिंह से कमलेश तिवारी की हत्या की जांच की प्रगति का ब्यौरा भी लिया है। इसके साथ ही उनको हत्यारों को जल्दी ही पकडऩे का निर्देश दिया। 

इससे पहले शनिवार शाम को कमलेश तिवारी की हत्या के बाद आक्रोशित परिवारजन प्रशासन से नौ बिंदुओं पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद सीतापुर में अंतिम संस्कार को तैयार हुए। अंतिम संस्कार कराने महमूदाबाद पहुंचे मंडलायुक्त मुकेश मेश्राम ने परिवारजनों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने और परिवार को सुरक्षा व आर्थिक सहायता दिलाने का लिखित आश्वासन दिया। 

सीतापुर से कमलेश तिवारी के परिवारजन को लेकर अधिकारी रविवार को कड़ी सुरक्षा में महमूदाबाद से लखनऊ रवाना हुए। लखनऊ में कमलेश तिवारी की मां कुसुमा देवी, पत्नी किरण देवी और पुत्र सत्यम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की। सत्यम तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 11 बजे लखनऊ में ही मिलने को बुलाया।

मंडलायुक्त के मुताबिक परिवारीजन की कुछ मांगे थीं, जिनसे प्रशासन सहमत है। रविवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करा दी जाएगी। इसके अलावा एसआइटी या एनआइए से जांच की बात है उसे भी माना गया है। आइजी स्तर के अधिकारी के अधीन जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश सरकार हरसंभव आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी। कमलेश के बड़े बेटे सत्यम को सरकारी नौकरी की अनुशंसा की जाएगी। परिवार का जो भी सदस्य सुरक्षा के लिए आवेदन देगा उसे शस्त्र लाइसेंस दिया जाएगा। लखनऊ में एक आवास की मांग है, जिसके लिए प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।

अंतिम संस्कार कराने में छूटे पसीने

सीतापुर में कमलेश तिवारी के शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवारजन को मनाने में अफसरों को पसीना आ गया। रात करीब तीन बजे शव के महमूदाबाद लाए जाने के बाद से ही जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी परिवारीजन से शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मान-मनौवल करते रहे, लेकिन परिवार मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। करीब 11 घंटे से भी अधिक समय तक चली तनावपूर्ण स्थितियों से निजात कमिश्नर लखनऊ मुकेश कुमार मेश्राम और आइजी जोन एसके भगत के महमूदाबाद आने के बाद मिला। 

गौरतलब है कि लखनऊ में शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में गुजरात से तीन और उत्तर प्रदेश दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बिजनौर के दौ मौलानाओं की भी भूमिका की जांच की जा रही है। 2015 में इन दोनों मौलानाओं ने कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वालों को डेढ़ करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की थी।