यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रायबरेली के नरसंहार पर सीएम योगी आदित्यनाथ गंभीर, पीडि़तों को सहायता
मुख्यमंत्री ने आज इस नरसंहार में पीडि़तों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही मामले की दस दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।

लखनऊ (जेएनएन)। रायबरेली के ऊंचाहार में ईद की रात नरसंहार में पांच लोगों की मौत के मामले में छह दिन बाद सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर हैं। मुख्यमंत्री ने आज इस नरसंहार में पीडि़तों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही मामले की दस दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 जून की रात मारे गए लोगों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। आज उन्होंने पांच मृतकों के परिवारीजन को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। इसके साथ ही इस प्रकरण की जांच करने का आदेश डीआइजी रेंज लखनऊ को दिया गया है। उनसे दस दिन में ही जांच की रिपोर्ट मांगी गई है।
जांच में दोषी किसी को भी न बख्शने का निर्देश भी दिया गया है। डीआइजी के साथ ही इस मामले में आईजी लखनऊ रेंज को भी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने इसमें दोषी व्यक्तियों की गिरफ्तारी व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि 26 जून की रात को रायबरेली के ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के इटौरा बुजुर्ग के अंतर्गत बरगदा गांव में रात लगभग नौ बजे सफारी सवार लोग ग्राम प्रधान रामश्री के घर पहुंचे।
यहां पर हमलावरों ने रामश्री के घर पर ताबड़तोड़ फायङ्क्षरग शुरू कर दी। गोलियां चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण एकजुट होकर हमलावरों को पकडने के लिए दौड़े। इस पर हमलावर हाईवे की तरफ भागे।
यह भी पढ़ें: प्रासंगिक : हे मृत्यु! तू अपनी जाति बता
तभी उनकी गाड़ी बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई। गाड़ी में आग लग गई और उस पर सवार पांच लोगों की मौत हो गई।
यह भी पढ़ें: रायबरेली नरसंहारः पांच लोगों की हत्या में प्रधान के पुत्र सहित तीन गिरफ्तार
जान बचाने के लिए तीन लोगों गाड़ी से बाहर निकल पाए लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।इस बीच गांव के लोग भी आक्रोशित होकर घटनास्थल पर पहुंच गए।
यह भी पढ़ें: रायबरेली में खूनी संघर्ष, दो को कार में जिंदा जलाया, तीन की पीट-पीटकर हत्या
पुलिस पहुंची लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। बवाल बढऩे पर ग्राम प्रधान का परिवार भी नदारद हो गया।
