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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करे भाजपा

By Nawal MishraEdited By:
Published: Wed, 03 Feb 2016 06:51 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 03 Feb 2016 07:57 PM (GMT+05:30)

गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में चल रही राष्ट्रीय संतसभा की चिंतन बैठक में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं सांसद योगी आदित्यनाथ को राम ...और पढ़ें

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लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर में चल रही राष्ट्रीय संत सभा की चिंतन बैठक में गोरक्षपीठाधीश्वर व सदर सांसद महंत योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर निर्माण शुरू कराने के लिए उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया। भाजपा को नसीहत देते हुए कई संतों ने साफ कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट से मंदिर निर्माण के पक्ष में निर्णय आता है तो सपा-बसपा की सरकार रहते निर्बाध रूप से मंदिर का निर्माण संभव नहीं हो पाएगा। इसके लिए प्रदेश में भाजपा की सरकार और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बनना जरूरी है ।

बैठक श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, धर्मांतरण रोकने हेतु कानून बनाने, समान नागरिक संहिता लागू करने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और मां गंगा की पुनप्र्रतिष्ठा जैसे विविध हिंदू समाज की चुनौतियों व उनके समाधान पर केंद्रित रही। वक्ताओं ने समता व सामाजिक समरसता पर विशेष बल दिया। चिंतन बैठक के अंतिम दिन बुधवार को चर्चा की शुरुआत करते हुए दिगंबर अखाड़ा अयोध्या के महंत सुरेश दास ने भाजपा का आह्वान किया कि वह मंदिर निर्माण के लिए आगे आए। भाजपा नेतृत्व से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत करने की मांग की। इस मांग का धर्मसभा के अध्यक्ष गोविन्द देव गिरी, महामंडलेश्वर विश्वेश्वरदास सहित अनेक संतों ने समर्थन करते हुए योगी को सम्मानित किया।

स्वामी गोविन्द देव गिरी ने कहा कि यद्यपि संत सभा का कार्य मुख्यमंत्री कौन हो, यह घोषित करना नहीं है, किंतु इसमें कोई संदेह नहीं कि मंदिर निर्माण के लिए जो अपना सबकुछ दांव पर लगा दे, जो उसके लिए प्रतिबद्ध हो, संत सभा व उसके संत उसी के पीछे खड़े हैं और खड़े होंगे। अध्यक्षता करते हुए स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि संतसभा राजनीतिक मंच नहीं है तथापि सत्ता को हम निरंकुश नहीं होने दे सकते। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद ने कहा, 'समान नागरिक संहिता' भारत की एकता-अखंडता की आवश्यक शर्त है। भारत धर्मशाला नहीं, एक सनातन राष्ट्र है। दुग्धेश्वरनाथ मंदिर, गाजियाबाद के महंत महामंडलेश्वर नारायण गिरि ने कहा कि गांव-गांव में संत सामाजिक समरसता का मंत्र लेकर जाएं। आभार ज्ञापित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत राष्ट्र जागरण का हिस्सा बनें। वर्तमान युग में ङ्क्षहदू समाज की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों परंपराओं का संत वाहक बनें। एक हाथ में लोटा तो दूसरे में सोटा हो, एक हाथ में खप्पर तो दूसरे हाथ में दंड धारण करें। शरीर तभी रोगों से लड़ सकता है जब प्रतिरोधक क्षमता ठीक हो। समाज को संगठित करना होगा। धर्मांतरण को रोकने एवं बिछड़े अपने बंधु-बांधवों की घर वापसी का मार्ग प्रशस्त करना होगा।

धर्म सभा में अभी तक मुख्य निर्णय

  • केंद्र सरकार राम जन्म भूमि के निर्माण की बाधाओं को दूर करने की पहल करे
  • यूपी में सपा-बसपा सरकार रहते निर्माण संभव नहीं। अतः योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाना जरूरी।
  • धर्म परिवर्तन बंद हो। घरवापसी का हिन्दू समाज स्वागत करे।
  • समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान दिया जाये। छुआछूत के खिलाफ समाज को जागरूक किया जाए।
  • देश में सामान नागरिक संहिता लागू की जाय।
  • समाज में समरसता के लिये काम करने की जरुरत।
  • भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाय।

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