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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बदायूं कांड में लाइडिटेक्शन टेस्ट उठाए सवाल

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Published: Thu, 07 Aug 2014 06:26 PM (IST)

लखनऊ। बदायूं के कटरा सआदतगंज कांड में पांचों आरोपियों के लाइ डिटेक्शन टेस्ट के परिणामो

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लखनऊ। बदायूं के कटरा सआदतगंज कांड में पांचों आरोपियों के लाइ डिटेक्शन टेस्ट के परिणामों को लेकर पीड़ित परिवारीजन अवाक हैं। हालांकि रिपोर्ट पर सीधे टिप्पणी करने के बजाय उल्टा सवाल दाग रहे हैं कि आखिर फिर किसने दोनों किशोरियों को मार कर लटका दिया।

कटरा सआदतगंज में दो नाबालिग किशोरियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में नामजद पांच आरोपी जेल में हैं। बीते दिनों मामले की जांच कर सीबीआइ ने कोर्ट से उनके लाइ डिटेक्शन टेस्ट आदि की अनुमति ली थी। इनकी टेस्टों की रिपोर्ट आने पर पाया गया कि सामान्य स्थिति में दिए उनके बयान और टेस्ट के दौरान दिए गए बयान लगभग एक जैसे ही हैं। इसी आधार पर मान लिया गया कि आरोपी पक्ष सही बोल रहा है। आज इस संबंध में किशोरियों के चाचा और गवाह रामबाबू से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा भला कैसे हो सकता है। वारदात वाली रात मुख्य आरोपी पप्पू यादव ने खुद कबूल किया था कि दोनों लड़कियां मेरे पास थीं लेकिन कहां गई यह जानकारी नहीं है। रामबाबू ने सवाल दागा कि अगर पांचों आरोपी निर्दोष हैं तो लड़कियों को किसने मारा? उन्होंने कहा कि अगर पप्पू खुद चौकी में न कबूल करता तो हमें क्या पड़ी थी कि उसे नामजद करवाते। किशोरियों के पिता सोहन लाल और जीवन लाल ने भी आरोपियों की जांच रिपोर्ट पर आश्चर्य व्यक्त किया। हालांकि उन लोगों ने कोई सीधी टिप्पणी करने के बजाय कहा कि सीबीआइ जांच की हम लोगों ने ही की थी ताकि दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो सके। मुझे अभी सीबीआइ पर भरोसा है कि वह इंसाफ दिलवाएगी।