यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अखिलेश यादव राज में अपर्णा यादव की NGO पर खास मेहरबानी
प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक ...और पढ़ें

लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को उनके जेठ (अखिलेश यादव) के मुख्यमंत्री के काल में बंपर लाभ मिला। प्रदेश का गो सेवा आयोग अपर्णा तथा उनके पति प्रतीक यादव की संस्था पर इतना मेहरबान रहा कि तीन वर्ष तक सारा पैसा उनको ही दे दिया। सारा मामला जन सूचना में सामने आ गया है।
प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव तथा पत्नी अपर्णा यादव की संस्था जीव आश्रय पर खासा मेहरबान रहा। आयोग ने वित्तीय वर्ष 2012 से 2017 के पांच वर्षों के दौरान गोरक्षा व गो सेवा के अनुदान में से 86.4 फीसद सिर्फ इसी संस्था को दे दिया। यही नहीं, 2012-15 के दौरान आयोग से अनुदान पाने वाली यह एकमात्र संस्था रही। जन सूचना अधिकार के तहत सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर की मांगी गई सूचना पर यह जानकारी गो सेवा आयोग के जन सूचना अधिकारी डॉ. संजय यादव ने दी।
अपर्णा व प्रतीक यादव की संस्था लखनऊ के कान्हा उपवन में गोशाला का संचालन करती है। प्रतीक इस संस्था के संरक्षक हैं। पत्नी अपर्णा यादव भी संस्था के क्रियाकलापों से जुड़ी रही हैं। डॉ. यादव से मिली सूचना के अनुसार वित्तीय वर्ष 2012-2017 के पांच वर्षों में आयोग ने गोशालाओं को दिए गए 9.66 करोड़ रुपये के अनुदान में से 8.35 करोड़ रुपये जीव आश्रय संस्था को दिया।
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वर्ष 2012-13, 2013-14 तथा 2014-15 में इस निधि से सिर्फ इसी संस्था को क्रमश: 50 लाख,1.25 करोड़ और 1.41 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया।
Lease of land given to Aparna Yadav's org, initially for 3 years, was later extended to 5 yrs during SP's rule: Nutan Thakur, activist pic.twitter.com/ZnV6TtGGNA
— ANI UP (@ANINewsUP) July 3, 2017
वित्तीय वर्ष 2015-16 में इस संस्था को 2.58 करोड़ और श्रीपाद बाबा गोशाला वृंदावन को 41 लाख का अनुदान मिला। 2016-17 में 3.45 करोड़ के कुल अनुदान में 2.55 करोड़ रुपये जीव आश्रय को मिले। श्रीपाद गोशाला को इस मद से 63 लाख रुपये दिए गए।
So what is wrong in it? If some org is doing good work for welfare of animals then why should it not be held financially?: Aparna Yadav pic.twitter.com/HSNn5Qmrnl
— ANI UP (@ANINewsUP) July 3, 2017
डॉ. नूतन ने कहा कि एक ही गोशाला पर इस कदर मेहरबानी पिछली सरकार में राजनीतिक भाई-भतीजावाद का सुबूत है।
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आरटीआई ऐक्टिविस्ट नूतन ठाकुर के अनुसार, समाजवादी सरकार के शासन काल में 80 प्रतिशत से अधिक का आर्थिक अनुदान एक विशेष एनजीओ को दिया गया। यह बड़े पैमाने पर हुए राजनीतिक पक्षपात और भाई-भतीजावाद का उदाहरण ही है।
...तो CM योगी ने मान ली अपर्णा की REQUEST!
इस वर्ष जीव आश्रय को नहीं मिला कोई अनुदान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ लेने के बाद तत्काल उनसे भेंट करने वाले अपर्णा यादव व प्रतीक यादव की संस्था को इस बार मायूसी मिली है।
देखें तस्वीरें: लखनऊ में कान्हा उपवन में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
वित्तीय वर्ष 2017-18 में अब तक गोसेवा आयोग के लिए 1.05 करोड़ रुपये के अनुदान में से जीव आश्रय को कुछ भी नहीं दिया गया। सर्वाधिक 63 लाख रुपये का अनुदान दयोदय गोशाला ललितपुर को मिला है।
