यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लहंगा पसंद न आने पर दूल्हे को भी कर दिया रिजेक्ट
लखनऊ। विवाह में अभी तक तो दू्ल्हे का ही बोलबाला माना जाता रहा है लेकिन आगरा में मामला उलट गया। यहां

लखनऊ। विवाह में अभी तक तो दू्ल्हे का ही बोलबाला माना जाता रहा है लेकिन आगरा में मामला उलट गया। यहां एक दुल्हन को लहंगा पसंद नहीं आया तो उसने नाराज होकर जयमाल के बाद गले में पड़ी वरमाला फेंक दी और लड़के को भी खराब बताकर सात फेरे लेने से इन्कार कर दिया।
समाज में अभी तक 'दुल्हन वही जो पिया मन भाए' शीर्ष पर था, लेकिन वक्त के साथ कहावत भी बदल रही है। नए जमाने की दुल्हन न केवल खुद दूल्हा पसंद कर रही हैं बल्कि दूल्हा, उसके घरवाले या फिर कपड़ा पसंद न आने पर बारात तक लौटा रही हैं। इस यकीन तो नहीं होता लेकिन आगरा में रविवार रात कुछ ऐसा ही हुआ। स्टेज पर बैठी दुल्हन ने अचानक डिजायनर लहंगे की मांग कर दी। शादी में मौजूद लोगों ने दुल्हन की डिमांड सुनी तो हैरान रह गए। समझाने की कोशिश की गई, मगर सफल नहीं हुए। इसके बाद गुस्साई दुल्हन ने दूल्हे के मुंह पर वरमाला फेंकी और शादी से इन्कार कर दिया। दुल्हन ने कह दिया कि उसे दूल्हा पसंद नहीं है।
आगरा के एमएम गेट थाने के पास एक मैरिज होम में नाई की मंडी क्षेत्र निवासी चांदी की पायल के कारीगर का रिश्ता छह महीने पहले उसके मामा ने तय किया था। लड़की फीरोजाबाद के गांव कोरई की थी। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को देखने के बाद सात दिसंबर को शादी की तारीख तय कर दी। तय कार्यक्रम के मुताबिक रविवार दोपहर को दूल्हा-दुल्हन उनके परिवार तथा रिश्तेदार आदि कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए। रात 11 बजे जयमाल के बाद दूल्हा-दुल्हन दोनों स्टेज पर बैठे थे। करीब एक बजे दुल्हन का ध्यान अपने लहंगे की ओर गया तो उसे वह कुछ पुराना लगा। उसने दूल्हे से नए डिजाइनर लहंगे की फरमाइश कर दी। रात एक बजे कोई शोरूम खुला नहीं होने का हवाला देकर दूल्हे ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन दुल्हन जिद पर अड़ गई। उसका कहना था कि डिजाइनर लहंगे के बिना फेरे नहीं लेगी। दुल्हन के एलान से वर पक्ष में हड़कंप मच गया, उन्होंने लड़की को मनाने का प्रयास किया लेकिन वह टस से मस नहीं हुई। गुस्साई दुल्हन ने अपनी वरमाला उतारकर दूल्हे पर फेंक दी और बहन के साथ वहां से चली गई। दुल्हन का कहना था कि उसे दूल्हा पसंद नहीं है। कई घंटे चली पंचायत के बाद भी जब दुल्हन नहीं मानी तो दोनों पक्षों ने पुलिस को बुला लिया। दुल्हन पक्ष के लोगों ने पुलिस को लिखकर दे दिया कि उनको दूल्हा पसंद नहीं है, उसके साथ शादी नहीं कर सकते। कल सुबह दुल्हन बिना फेरे लिए परिवार के साथ फीरोजाबाद लौट गई।
दुल्हन ने नहीं उतारी चूड़िया
दुल्हन के शादी से इन्कार के बाद वहा मौजूद लोगों ने उससे सुहाग की चूड़िया उतारने को कहा तो लड़की ने इन्कार कर दिया। उसका कहना था कि यह चूड़िया वह दोबारा दुल्हन बनने के बाद ही उतारेगी।
दिनभर दूसरी दुल्हन की तलाश
ऐन वक्त पर फेरों से इन्कार के बाद दूल्हा और परिवार के लोग कल दोपहर तक मैरिज होम में डेरा डाले रहे। इस दौरान जोर-शोर से दूसरी दुल्हन की तलाश की गई। दोपहर बाद उनकी भी उम्मीद टूट गई, मैरिज होम से बिना दुल्हन रूखसत होना पड़ा।
अंधेरे में दिखाया गया था दूल्हा
दुल्हन का दूल्हे को नापसंद करने का तर्क भी यकीन करने के काबिल नहीं हैं। उसका कहना था दूल्हे को उसने शादी से पहले सिर्फ दो बार देखा था। पहली बार उसे अंधेरे में दिखाया गया, जबकि दूसरी बार उसे इतनी दूर से दिखाया गया कि वह रूबरू नहीं हो सकी। दूल्हे का कहना था कि दुल्हन उसे कई बार आमने-सामने देख चुकी थी। उसने आरोप लगाया कि लड़की कहीं और शादी करना चाहती थी, जिसके चलते उसने सात फेरे लेने से इन्कार किया।