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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Note Ban: महिला की मौत पर मोदी जिम्मेदार ठहराया, सीएम ने की मदद

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 10 Nov 2016 04:42 PM (IST)Updated: Thu, 10 Nov 2016 11:37 PM (IST)

1000-500 नोट बंद होने के बाद रुपये जमा करने बैंक गई महिला की मौत पर उसके पति ने पीएम नरेंद्र ...और पढ़ें

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कुशीनगर (जेएनएन)। 1000-500 नोट बंद होने के बाद कुशीनगर के कप्तानगंज में एक हजार के दो नोट बदलने के लिए बैंक शाखा गई सबराभार गांव की 60 वर्षीय तीर्थराजी की मौत के मामले में आज पुत्र ने प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीडि़त परिवार को दो लाख रुपये सहायता देने की घोषणा की है।

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तीर्थराजी के पुत्र देवेंद्र प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोट बंद करने की घोषणा के बाद मेरी मां 60 वर्षीय तीर्थराजी देवी बुधवार को दो हजार रुपये जमा करने के लिए सेंट्रल बैंक गई। वहां पहले से मौजूद लोगों ने बताया कि पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट अब बंद हो गए हैं। बैंक भी बंद है। इसके बाद मां को सदमा लग गया जिससे हृदयगति रुक गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तहरीर में कहा गया है कि हम धोबी (अनुसूचित जाति) हैं और दूसरों के कपड़े धो कर जीवन यापन करते थे। बड़ी मुश्किल से हमने एक-एक हजार के दो नोट सहेज कर रखे थे। नोट बंद करने के मोदी के निर्णय ने मेरी मां की जान ले ली। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस अधीक्षक भारत सिंह ने कहा है कि अभी तक उन्हें कोई आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलेगा तो उचित कार्रवाई होगी। दूसरी तरफ राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने खबर पढ़कर संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर वह पीडि़त के घर जाएंगे और मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।

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नोट पर प्रतिबंध से इलाज बंद होने पर मौत

फीरोजाबाद में 1000-500 के नोट पर प्रतिबंध और एटीएम बंद होने से एक युवक की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि निजी अस्पताल में रुपये जमा न कर पाने पर डॉक्टर ने इलाज बंद कर ऑक्सीजन निकाल दी। कुछ ही देर में मरीज ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने हंगामा किया, तो अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें लाठी-डंडों से पिटवाया। फीरोजाबाद के थाना पचोखरा क्षेत्र के गांव भूतनगरिया निवासी रामवीर (38) पुत्र रामस्वरूप की बुधवार रात तबीयत खराब होने पर परिजन निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। चिकित्सकों ने हालत नाजुक होने पर ऑक्सीजन लगा दी। परिजनों का आरोप है कि उसी दौरान चिकित्सकों ने आइसीयू में मरीज को भर्ती करने के लिए 10 हजार रुपये जमा करने को कहा। परिजनों ने चार हजार रुपये के 500 के नोट होने की बात कहते हुए बाकी गुरुवार को देने का आश्वासन दिया। बैंक और एटीएम बंद होने की भी बात चिकित्सक को बताई। मृतक की पत्नी लाड़वती ने आरोप लगाया कि चिकित्सक 10 हजार रुपये तत्काल जमा कराने पर अड़ गए। न दे पाने पर ऑक्सीजन निकाल दी। इससे रामवीर की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। उधर, अस्पताल कर्मचारियों ने हॉस्टल से छात्रों को बुला लिया। उन्होंने लाठी-डंडों से परिजनों की पिटाई कर दी। चिकित्सक की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, जो मृतक के परिजनों को ही पकड़कर थाने ले गई। हालांकि बाद में दूसरे ग्रामीणों के पहुंचने पर उन्हें छोड़ दिया। दहशत में परिजन थाने में शिकायत दर्ज कराए बगैर ही शव लेकर गांव चले गए। मारपीट में मृतक के परिजनों को चोट आई हैं। मृतक के घायल भतीजे कृष्णवीर ने कहा कि पुलिस ने मदद नहीं की। चौकी इंचार्ज राज बहादुर ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। यदि परिजन तहरीर देंगे, तो कार्रवाई की जाएगी।

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