यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खुरपका-मुंहपका रोग फैला, कई मवेशी मरे

बिल्हौर, संवाद सहयोगी : मौसम परिवर्तन के साथ ही गांवों में पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग फैल रहा है। दर्जनों मवेशियों की मौत हो चुकी है और कई बीमारी की चपेट में हैं। सरकारी पशु अस्पतालों में इलाज न मिलने से ग्रामीण निजी पशु चिकित्सकों के पास जाने को मजबूर हैं।
ठंड में मवेशियों को रोग से बचाने के लिए पशु पालन विभाग द्वारा प्रत्येक गांव में टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। सरकारी चिकित्सक गांव-गांव जाकर पशुओं को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए पालकों को जागरूक करते हैं। इस वर्ष वैक्सीन न होने के चलते पशुओं का टीकाकरण नहीं हुआ है और बीमारी ने पैर पसारने शुरू कर दिये हैं। डोड़वा जमौली गांव में संतोष कुमार, शिवपाल, भजनलाल, रामगोपाल अवस्थी, सुनील कुमार, कैलाश चंद्र, प्रेम कुमार, विनोद कुमार के पशुओं की मौत हो चुकी है। साथ ही भवन निवादा, रानेपुर, सरिगंवा, अनेई, चोरसा गदनपुर गांव में भी पशु जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को निजी पशु चिकित्सकों के पास जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिसके चलते उनमें आक्रोश है। बिल्हौर पशु चिकित्सालय में तैनात डॉ. ओपी त्रिवेदी ने बताया कि कुछ वैक्सीन आने के बाद शिकायत मिलने वाले गांवों में टीकाकरण कराया गया था। अब वैक्सीन आने पर ही टीकाकरण कराना संभव होगा।
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