यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वीडियो में देखें, अपराधियों की कैसे खातिरदारी करती है यूपी पुलिस
56 सेकंड के इस वीडियो में गैंगस्टर मोनू पहाड़ी दो पुलिसकर्मियों के बीच में बैठा है, वहीं मोनू के आसपास दो पुलिसकर्मी बैठे हुए हैं।

कानपुर (जेएनएन)। सोशल मीडिया और न्यूज एजेंसी पर उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर मोनू पहाड़ी उर्फ राशिद का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में यूपी पुलिस गैंगस्टर मोनू पहाड़ी के साथ चाय पीती हुई नजर आ रही है। कहा जा रहा है कि वीडियो कानपुर की पुलिस कैंटीन का है।
56 सेकंड के इस वीडियो में गैंगस्टर मोनू पहाड़ी दो पुलिसकर्मियों के बीच में बैठा है। वहीं मोनू के आसपास दो पुलिसकर्मी बैठे हुए हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि पुलिस मोनू पहाड़ी को चाय और पानी की बोतल ऑफर कर रही है। इस दौरान वो कैंटीन की महिला कर्मचारी से कुछ बात करता हुआ नजर आ रहा है।
वीडियो 12 मई (2017) का है। मोनू पहाड़ी के एक हाथ में हथकड़ी भी बंधी हुई है। वीडियो सामने आने के बाद गैंगस्टर को चाय पिलाने के आरोप में चार पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
#WATCH: Policemen seen having tea with gangster Monu Pahadi at a police canteen in Kanpur, Uttar Pradesh (May 12). (Source: Unverified) pic.twitter.com/VOnJhsHsCa
— ANI UP (@ANINewsUP) May 13, 2017
बीते साल 50 हजार के इनामी बदमाश मोनू पहाड़ी को कोर्ट ने एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम पर हमला करने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई थी और दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। 19 अगस्त 2014 में पुलिस को जानकारी मिली थी कि मोनू पहाड़ी ब्रह्मादेव मंदिर के पास एक घटना को अंजाम देने वाला है। जिसके बाद इसे पकड़ने के लिए एसटीएफ और डिप्टी एसपी आलोक सिंह और इंस्पेक्टर सुशील कुमार सिंह की दो टीमें बनाई गईं थी।
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बाद में 20 अगस्त 2014 दोपहर को पुलिस ने चारों तरफ मोनू पहाड़ी को घेर लिया और उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा लेकन उसमें पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया और बाइक से भागने की नाकाम कोशिश की।
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