यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शीतलहर से बढ़ी कंपकपी, दो की मौत

फतेहपुर, निज प्रतिनिधि : ओला के साथ गुरुवार को हुई बारिश का असर यह रहा कि बर्फीली हवाओं से गलन व कंपकपी और बढ़ गई। शुक्रवार को पूरे दिन धूम नहीं निकली, बदली के बीच शीतलहर से जन-जीवन बेहाल रहा। कड़ाके की ठंड से स्कूल-कालेज तो बंद चल ही रहे है, विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। हर किसी की निगाह भगवान भाष्कर की ओर टिकी रही, लेकिन एक-दो घंटे को छोड़कर बादल से भगवान सूर्य घिरे रहे। शुक्रवार को शीतलहर ने दो की जान ले ली। हसवा ब्लाक के बेर्राव निवासी 55 साल के देवनाथ तथा इसी ब्लाक के लच्छीपुर मजरे सरकी के गुलाब की 60 साल की मां देवमती की बीतीरात मौत हो गई। ठंड के चलते अब तक कुल 10 मौतें हो चुकी हैं। धूप न निकलने के साथ ही बर्फीली हवाओं का झोंका कहर बरपाता रहा। सुबह शाम ही नहीं पूरे दिन शीतलहर से कंपकपी वाली ठंड रही। दिन भर लोग अलाव के आस-पास की बैठकर हाथ गर्म करते रहे।
ठंड का असर सड़कों में पूरी तरह से दिखाई पड़ा। चहल पहल वाली बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों का कहना है कि पिछले चार दिन से व्यवसाय ठंड की भेंट चढ़ा हुआ है। सरकारी कार्यालयों में दोपहर बारह बजे के बाद काम शुरू होता है और तीन बजे से कुर्सियां फिर खाली हो जाती है। बीच मे धूप निकली तो गप-शप में समय बीतता है। ट्रेनों की लेट-लतीफी से गैर जनपद से आने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के दफ्तर आने व जाने का कोई समय ही तय नहीं है। इतना ही नहीं फील्ड के कर्मचारी भी बाहर नहीं निकल रहे है। मुख्य विकास अधिकारी का पद रिक्त पड़ा होने से पूरा विकास भवन मर्जी पर चल रहा है।
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