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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महंत ज्ञानदास ने हाशिम अंसारी से गले मिल दी ईद की बधाई,राम मंदिर पर हुई बात

By Ashish MishraEdited By:
Published: Fri, 08 Jul 2016 09:08 AM (IST)Updated: Fri, 08 Jul 2016 12:55 PM (IST)

ईद के मौके पर महंत ज्ञानदास, हाशिम अंसारी के घर पहुंचे और उसने गले मिलकर उन्हें मुबारकबाद दी। ज्ञानदास ने ...और पढ़ें

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अयोध्या (जेएऩएन)। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए रामगढ़ी के महंत ज्ञानदास और बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी और पैरोकार हाजी महबूब ने महत्वपूर्ण पहल की है। उनका कहना है कि राम मंदिर का निर्माण आपसी सौहार्द्र से होना चाहिए।
ईद के मौके पर महंत ज्ञानदास, हाशिम अंसारी के घर पहुंचे और उसने गले मिलकर उन्हें मुबारकबाद दी। इस मौके पर ज्ञानदास ने हाशिम अंसारी और हाजी महबूब के साथ घंटों राम मंदिर मुद्दे को लेकर अहम बातचीत की।

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मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ज्ञानदास ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण आपसी सौहार्द्र के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे वैसा राम मंदिर नहीं चाहते जो हिन्दू या मुसलमानों के खून से बना हो।
ज्ञानदास ने कहा कि सच्चे मायने में राम मंदिर का निर्माण सर्व धर्म समन्वय से होना चाहिए। तभी अयोध्या का भी विकास होगा।

दूसरी तरफ हाशिम अंसारी ने ज्ञानदास की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि, “जो भी ज्ञानदास कहेंगे, वही करेंगे।” इस मौके पर हाजी महबूब ने भी ज्ञानदास की हां-में-हां मिलते हुए कहा कि, “हम राम मंदिर के खिलाफ नहीं है। हम चाहते हैं कि आपसी सौहार्द्र से राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए।”