यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मंदाकिनी उफनाई, रामघाट के मंदिर मठों में भरा पानी
यूपी-एमपी सरहद में भारी बारिश से चित्रकूट स्थित मंदाकिनी ऐसी उफनाई कि रामघाट में दर्जनों दुकानों सहित मठ-मंदिर डूब गए।

चित्रकूट (जेएनएन)। यूपी-एमपी सरहद में हुई भारी बारिश से बुधवार को मंदाकिनी ऐसी उफनाई कि रामघाट में दर्जनों दुकानों सहित मठ-मंदिर डूब गए। वैसे बाढ़ में किसी प्रकार की जनहानि तो नहीं हुई लेकिन अचानक बढ़ा पानी दुकानों में घुसने से लाखों रुपए का सामान बर्बाद हो गया।
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दिन में उफना रही मंदाकिनी ने 12 साल पहले की याद ताजा कर दी। वैसे उतना नदी में पानी नहीं बढ़ा जितनी बाढ़ वर्ष 2003 में आई थी लेकिन बढ़ रहे जल स्तर और नदी के रौद्र रूप से लोग भयभीत जरूर नजर आए। मंगलवार रात से पहाड़ों में हो रही जोरदार बारिश से मंदाकिनी नदी बुधवार को उफनाने लगी। रामघाट की दुकानों में देखते ही देखते पानी भर गया। कुछ व्यापारी अपना सामान समेट सके तो कुछ दुकान बंद कर भाग लिए। व्यापारियों को अचानक आई बाढ़ से भारी क्षति पहुंची है।
भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास व मत्यगेंद्रनाथ मंदिर के पुजारी विपिन बिहारी तिवारी ने बताया कि सुबह सात बजे नदी में बाढ़ का सिलसिला शुरू हुआ था और एक घंटा के अंदर करीब 15 मीटर जल स्तर बढ़ गया, जिसमें रामघाट की सभी दुकानें डूब गई। उप जिलाधिकारी सदर रजनीश मिश्रा ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए फिलहाल रामघाट और तरौंहा में बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है।
