यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रैगिंग का दोषी पाया गया राघवेंद्र

जागरण संवाददाता, बरेली : एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र के खिलाफ वार्डन ने अपनी जांच पूरी कर ली। वार्डन की ओर से हुई जांच में छात्र के खिलाफ रैगिंग सहित जूनियर छात्र से मारपीट और छात्रावास पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया था। मामले की पूरी रिपोर्ट वार्डन की ओर से मंगलवार को कुलपति, चीफ प्रॉक्टर और कुलसचिव को सौंपी जाएगी।
विश्वविद्यालय के पुराने छात्रावास में शुक्रवार की रात मारपीट के आरोपी बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र राघवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ वार्डन प्रो.एके जेटली की ओर से जांच की जा रही थी। सोमवार को मामले की जांच पूरी हो गई। प्रो.एके जेटली ने बताया कि छात्रों से पूछताछ में पता चला है कि राघवेंद्र ने बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र नरेंद्र सिंह के साथ रैगिंग की थी। आरोपी छात्र ने नरेंद्र को प्रताड़ित करते हुए मारपीट की थी और उसे कमरा नंबर पांच में बंद कर दिया था। जांच में पाया गया कि आरोपी छात्र राघवेंद्र 136 नंबर कमरे में अवैध रूप से कब्जा कर रखा है और निष्कासित होने के बावजूद कमरा खाली नहीं किया है। प्रो.जेटली ने बताया कि आरोपी छात्र के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। मंगलवार को इसे कुलपति, चीफ प्रॉक्टर और कुलसचिव को आगे की कार्रवाई के लिए दिया जाएगा। वहीं इस मामले में राघवेंद्र ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने पूरी घटना को कुछ लोगों की साजिश का हिस्सा बताते हुए फंसाने की बात कही।
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