यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ठंड का कहर जारी, ठंड से अधेड़ की मौत

बाराबंकी : कड़ाके की सर्दी में निर्बल वर्ग के लोग अलाव न जलने व कंबलों के वितरण न होने से जहां ठिठुरने को विवश है। मंगलवार को वही ठंड से हैदरगढ़ क्षेत्र में एक अधेड़ की मौत हो गई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार रिमझिम बारिश से सरसों व आलू की फसल पर भी बर्बाद होने की आंशका बलवती हो गई है।
ठंड से अधेड़ की मौत : हैदरगढ़ संवादसूत्र के अनुसार कोतवाली अन्तर्गत ग्राम अंदऊमऊ मजरे घर कुइयां निवासी हरि प्रसाद रैदास 48 पुत्र मोहनलाल की मौत मंगलवार को सांयकाल चार बजे ठंड लगने से हुई। परिजनों के अनुसार मृतक सांस की बीमारी से पीड़िता था। घर की माली हालत सही नही थी मृतक के दो पुत्र व एक पुत्री है।
गिरा तापमान : मंगलवार को कड़ाके की ठंड पड़ी। अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रेकार्ड किया गया। दिन भर रिमझिम बारिश होती रही। कड़ाके की सर्दी में लोग घरों में दुबके रहे।
सरसों व आलू की फसल को नुकसान : रिमझिम बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी है। कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो फूल वाली फसल सरसों को अधिक नुकसान होगा। इसके अलावा आलू के सड़ने की भी संभावना बढ़ जाएगी।
मगर नही जले अलाव : कड़ाके की सर्दी में प्रशासनिक इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। नगर पालिका सहित नगर पंचायतों में अलाव ठंडे पड़े है। कंबलों का वितरण भी नही हो सका है। हैदरगढ़ संवादसूत्र के अनुसार कड़ाके की ठंड के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने अभी तक नगर के प्रमुख चौराहा के अलावा क्षेत्र में कही भी कोई अलाव नही जलवाया है। जबकि डीएम ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जाने के निर्देश पूर्व में दिए थे। क्षेत्र में बस स्टेशन, पुलिस बूथ चौराहा, सुबेहा तिराहा, बछरावां चौराहा के अलावा चौबिसी, कमेला, सुबेहा, पोखरा आदि स्थानों पर अलाव न जलने से गुजरने वाले राहगीर ठंड से बेहाल है। रामसनेहीघाट संवादसूत्र के अनुसार मौसम की पहली रिमझिम बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बरसात के साथ एकाएक ठंड बढ़ गई है।
ट्रेन विलंब : मंगलवार को 5609 अवध आसाम एक्सप्रेस सुबह चार बजकर 36 मिनट पर न पहुंचकर आठ घंटा विलंबित रही। वही राप्ती सागर 2521 व 2512 अप व डाउन की ट्रेने दो घंटा विलंबित रही। दोपहर एक बजकर दस मिनट वाली मेमू को निरस्त होना बताया गया है।
मरीजों की संख्या बढ़ी : सोमवार की रात शुरू हुई बूंदाबांदी से अचानक पारा लुढ़क गया। ठंडक के बढ़ने के कारण जिला चिकित्सालय के श्वास रोग विभाग तथा मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार तथा श्वास रोग के मरीजों की अधिकता रही। श्वास रोग विभाग में मंगलवार की सुबह करीब दो सौ मरीज, ओपीडी में आए मरीजों में बुखार तथा श्वास रोग के मरीजों की संख्या अधिक थी। अचानक बढ़ी ठंड ने बुजुर्गो एवं बच्चों की मुसीबत बढ़ा दी है।
मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर
