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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बचपन के सौदागरों पर कसेगी नकेल

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Published: Sun, 19 Oct 2014 12:20 AM (IST)

बहराइच : गुमशुदा बच्चों के घर वापसी को लेकर पुलिस ने प्रयास तेज किए हैं। देहात संस्था की पहल पर शुक्

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बहराइच : गुमशुदा बच्चों के घर वापसी को लेकर पुलिस ने प्रयास तेज किए हैं। देहात संस्था की पहल पर शुक्रवार शाम पुलिस लाइन सभागार में पुलिस कर्मियों को किशोर न्याय अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया गया। गुमशुदा बच्चों को घर पहुंचाने के लिए चाइल्ड लाइन किस तरह काम कर रही है। इससे पुलिस को अवगत कराया गया।

देहात संस्था प्रमुख डॉ.जितेंद्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में एसपी रामलाल वर्मा ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। डॉ.चतुर्वेदी ने जिले में गुमशुदा व तस्करी का शिकार हो रहे बच्चों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तराई के इस जिले में इसकी दर्द अधिक है। पुलिस और चाइल्ड लाइन के आंकड़ों में अंतर आ रहे हैं। सीमित संसाधनों के बाद भी चाइल्ड लाइन के प्रयास को पीड़ितों ने सराहा है। देहात प्रमुख ने किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके लिए हर पुलिस कर्मी को सक्रियता दिखानी होगी। पुलिस अधीक्षक रामलाल वर्मा ने कहा कि जिले से गायब 89 बच्चों के घर वापसी के लिए देहात संस्था व चाइल्ड लाइन को मदद दिया जाएगा। पुलिस भी इसके लिए पुरजोर प्रयास करेगी। उन्होंने थानाध्यक्ष को ताकीद करते हुए कहा कि गुमशुदा बच्चों के प्रकरण थानों पर अवश्य दर्ज किए जाएं। बचपन के सौदागरों पर हर हाल में नकेल कसी जाय। मिसिंग चिल्ड्रेन अलर्ट कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस मौके पर एएसपी जयप्रकाश, श्रीपति मिश्र, सीओ राजीव सिंह, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अशोक कुमार प्रधान, देहात के वालेंटियर ईवान वेनर, सारा, सत्येंद्र पांडेय, मनीष यादव, शांती यादव मौजूद रहे।