यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तस्करी के लिए जा रहे नौ नेपाली बच्चे कराए गए मुक्त
बहराइच : सोमवार को तस्करी के लिए रोडवेज बस से गोंडा की ओर जा रहे नौ नेपाली बच्चों को देहात संस्था न

बहराइच : सोमवार को तस्करी के लिए रोडवेज बस से गोंडा की ओर जा रहे नौ नेपाली बच्चों को देहात संस्था ने मुक्त कराया। दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। निष्कर्ष न निकलने पर उन्हें छोड़ दिया गया है। संस्था ने नेपाली अधिकारियों से संपर्क कर बरामद बच्चों के माता-पिता का पता लगा लिया है। बच्चे बाल कल्याण समिति के संरक्षण में हैं।
देहात संस्था के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.जितेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि रविवार देर रात परिवहन निगम की बस से नौ नेपाली बच्चो को गोंडा ले जाने की सूचना फोन पर मिली थी। मामले में एसपी से संपर्क किया गया और टीम के सदस्यों ने रोडवेज बस का पीछा कर पुलिस के सहयोग से चिलवरिया में बस को रोकवा लिया। तलाशी के दौरान बस से नौ नेपाली बच्चे बरामद हुए। इन बच्चों की पहचान नेपाल के रुकमा निवासी धर्मेन्द्र (5), पारस(13), पपेंद्र(11), युवराज(12), प्रवीण(13), निरंजन(13), माधव(13), लक्ष्मण(8), कमल(12)निवासी ग्राम देवर गांव वार्ड नंबर दो जिला जुमला नेपाल के रूप में हुई। डॉ.चतुर्वेदी ने बताया कि उनके माता पिता भारत में कई स्थानों पर स्वेटर व शाल बेचने का काम करते हैं। कुछ लोगों ने उन्हें माता पिता से मिलवाने की बात कहकर नेपाल से लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार के अधिकारियों को सूचना देते हुए सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बच्चों की बरामदगी में संस्था के सत्येन्द्र पांडेय, त्रिलोकी नाथ, सुबोध प्रजापति व चंद्र प्रकाश शामिल रहे। उन्होंने बताया कि माता-पिता के आने पर बच्चों को उनके सिपुर्द कर दिया जाएगा।
