यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुक्त कराए गए आठ बाल श्रमिक
बहराइच : पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफि¨कग यूनिट व देहात संस्था चाइल्ड लाइन के संयुक्त तत्वावधान में ऑ

बहराइच : पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफि¨कग यूनिट व देहात संस्था चाइल्ड लाइन के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन स्माइल के तहत अभियान चलाकर गुरुवार को आठ बालश्रमिकों को मुक्त कराया गया। यह बाल श्रमिक टिकोरामोड़ व बंजारी मोड़ स्थित होटल, ढाबों व गैराजों पर काम करते मिले।
एसपी सालिकराम वर्मा ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसे अन्य क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बालश्रम सभ्य समाज पर एक कलंक है। देहात संस्था प्रमुख डॉ.जितेंद्र त्रिपाठी, एंटी ह्यूमन ट्रैफि¨कग यूनिट मेवालाल सुमन ने बताया कि अभियान का उद्देश्य न केवल बालश्रमिकों को मुक्त कराना है, बल्कि उनके पुनर्वास व निरंतर निगरानी भी है। किशोर न्याय अधिनियम के प्राविधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। मुक्ति के बाद इन सभी बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति की बाल न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया जहां से इन सभी की स्वास्थ्य जांच की प्रक्रिया से संबंधित आदेश किए गए हैं। देहात संस्था व चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ता परिवारीजनों से संपर्क में जुट गए हैं। अभियान दल में चाइल्ड लाइन की ओर से शहर समन्वयक आशीष प्रताप ¨सह, सत्येंद्र पांडेय, रमेश व उप्र पुलिस एंटी ह्यूमन ट्रैफि¨कग यूनिट के सुरेंद्र शामिल रहे।
