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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रतनीपुर में पशुओं में फैली बीमारी

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Published: Fri, 25 Jul 2014 01:01 AM (GMT+05:30)

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मुरादगंज (औरैया) संवाद सूत्र : कस्बे में पशु रोग फैलने से पशुपालक परेशान हैं। वहीं पशु चिकित्सा विभाग बेखबर सा है। रतनीपुर गांव में हालात बेहद खराब हैं यहां पर चार दर्जन से अधिक पशु मुंहपका, खुरपका व गलाघोटू से पीड़ित हैं। चिकित्सा विभाग की लापरवाही के चलते आधा दर्जन पशुओं की मौत भी हो चुकी है। खास बात यह है कि विधायक सदर मदन सिंह गौतम की दो भैंस भी बीमार हैं। इस मामले में जब विधायक ने संबंधित चिकित्साधिकारी से जानकारी ली तो उनकी बात को हवा में उड़ा दिया गया, नाराज विधायक ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मामले की जानकारी दी तब कहीं जाकर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आ सका।

रतनीपुर गांव में इन दिनों पशुओं पर आफत आ गई है, टीकाकरण न होने से मलखान सिंह, कोमल, अरविंद, सुरेश, रमाकांत, कप्तान सिंह सहित चार दर्जन पशु पालकों की भैंस, गाय, बकरी बीमार हैं। वहीं सदर विधायक मदन सिंह गौतम की दो भैंस भी बीमारी की चपेट में आ गई है। पशु पालकों ने जब विधायक से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अजीतमल क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी से जानकारी ली। इस पर पशु चिकित्साधिकारी ने सटीक जवाब नहीं दिया बल्कि विधायक के सवाल को नजर अन्दाज कर दिया। नाराज विधायक ने मामले की जानकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ए के कुलश्रेष्ठ को दी। आनन -फानन शहाब्दा के चिकित्साधिकारी कमल किशोर राजपूत को रतनीपुर गांव भेजा गया। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्वयं गांव के लिए रवाना हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि टीकाकरण कभी नहीं कराया जाता इस कारण मजबूरी में उन्हें झोलाछाप पशु चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है इसमें पैसा तो खर्च होता ही है। पशुओं की भी जान चली जाती है।