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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

टीकाकरण न होने से पशु हो रहे बीमार

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Published: Thu, 10 Jul 2014 01:01 AM (IST)

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औरैया, जागरण संवाददाता : जनपद भर में बरसात से पहले होने वाला टीकाकरण न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं में विभिन्न प्रकार के रोग फैल रहे हैं। वहीं जनपद के पशु अस्पतालों की स्थिति भी खस्ताहाल है।

जनपद में पशुओं की संख्या तीन लाख 49 हजार 632 है। जिसमें करीब दो लाख तीस हजार 535 भैंसों की संख्या है, शेष अन्य पशु हैं। इन पशुओं के लिए पशु पालन विभाग द्वारा हर वर्ष मुंहपका, खुरपका, गलाघोटू बीमारियों के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पशुओं का टीकाकरण किया जाता था। इस वर्ष टीकाकरण की प्रक्रिया धीमी गति से चलने के कारण सैकड़ों गांवों में पशुओं की टीकाकरण नहीं कराया गया है। जिसका परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं में मुंहपका व गलाघोटू की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। पिछले दिनों चपटा गांव में एक दर्जन भैंसें तथा दो दर्जन बकरे इन्हीं बीमारियों के चलते मौत हो चुकी है। वहीं शाला सिमार में भी पशुओं में बीमारी तेजी से फैल रही है। स्थिति यह है कि दो गांवों में एक सैकड़ा से अधिक भैंसे व अन्य जानवर बीमार हैं। पशु पालन विभाग को सूचना दिए जाने के बावजूद आज तक कोई भी चिकित्सक इन गांवों में नहीं पहुंचा है। हालांकि चपटा गांव में चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर कैंप लगाकर पशुओं का इलाज कराया। हालांकि विभाग का कहना है कि जनपद को 84 हजार वैक्सीन प्राप्त हुई थी जो पैरावेट्स के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के पशुओं का टीकाकरण किया गया है। जबकि औरैया ब्लाक के गांव जनेतपुर, जैतापुर, सुरान, भैरोपुर, मुढ़ी रसूलपुर, पन्हर, आनेपुर, जैतपुर सहित दर्जन गांव ऐसे हैं जहां पर अभी तक विभाग द्वारा टीकाकरण नहीं कराया गया है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक तो पशुओं में कोई बीमारी नहीं फैली है बरसात शुरू होते ही पशुओं में खुरपका की बीमारी फैलने लगती है। ग्रामीणों ने विभाग से टीकाकरण कराने की मांग की है।