यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
35 घंटे तक विलंबित रहीं ट्रेनें, बसों पर बढ़ा बोझ
संसू, अंबेडकरनगर : इन दिनों जिले के यात्रियों के लिए यातायात सुविधा किसी मुसीबत से कम नहीं ह

संसू, अंबेडकरनगर : इन दिनों जिले के यात्रियों के लिए यातायात सुविधा किसी मुसीबत से कम नहीं है। ट्रेनों के विलंबित होने का दौर ऐसा चल रहा है कि यात्री सड़क मार्ग से जाने को लाचार हो चुके हैं। ऐसे में परिवहन विभाग की सेवाएं भी बौनी साबित हो गई हैं। उधर पांच से लेकर 35 घंटे तक ट्रेनों के विलंबित होने से यात्रियों को इंतजार भारी पड़ रहा है।
गत शनिवार को कोटा-पटना एक्सप्रेस की दो ट्रेनें अकबरपुर जंक्शन पर शाम को पहुंची। इसमें से एक ट्रेन 35 घंटे तो दूसरी 11 घंटे विलंबित थीं। एक ही नाम से दो ट्रेनों के विलंब से आने पर आरक्षित श्रेणी का टिकट लिए यात्री भ्रमित हो गए। वहीं कैफियत, मरुधर, दून, साबरमती, मऊ-आनंद विहार आदि एक्सप्रेस ट्रेनों के घंटों विलंबित होने से स्टेशन परिसर में कदम रखने को स्थान नहीं रह गया था। वहीं आरक्षित श्रेणी के यात्री ट्रेनों के विलंबित होने से टिकट वापसी को मजबूर हुए। यही हाल रविवार को भी ट्रेनों के आवागमन के दौरान रहा। ट्रेन के विलंबित होने से यात्री परेशान दिखे। खास तौर पर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को यह इंतजार काफी तकलीफ देने वाला दिखा। उधर जिले में उर्स मेले के चलते वैसे भी भीड़ बढ़ने का असर रहा कि भीड़ के कारण यात्री ट्रेन के आने पर भी डिब्बे में चढ़ नहीं सके। ऐसे में उन्हें सड़क मार्ग से सफर को विवश होना पड़ा। वहीं परिवहन निगम की सीमित बस सेवा के कारण बस अड्डे पर भी भीड़ रही। बस के आने पर यात्री चढ़ने को लेकर धक्का मुक्की करते नजर आए।