यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्पैम कॉल्स को नजरअंदाज कर हर साल बच सकते हैं 2644 करोड़ रुपये: रिपोर्ट
अगर यूजर्स स्पैम कॉल्स को इग्नोर कर देते हैं तो उन्हें हर साल 414 मिलियन डॉलर का लाभ हो सकता ...और पढ़ें

नई दिल्ली (जेएनएन)। यूजर्स के पास कई तरह की स्पैम कॉल्स आती हैं। कई लोग इन्हें इग्नोर कर देते हैं। तो कई यूजर्स इन कॉल्स का जवाब देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप स्पैम कॉल्स नहीं उठाते हैं तो हर साल आपके कितने घंटे बच सकते हैं? ऑनलाइन फोनबुक कंपनी ट्रूकॉलर द्वारा किए गए विश्लेषण में सामने आया है कि अगर यूजर्स स्पैम कॉल्स का जवाब न दें तो हर साल उनके 6 करोड़ 30 लाख घंटे बर्बाद होने से बच सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, “अगर मान लें कि एक स्पैम कॉल 30 सेकंड का ही हो तो भी भारतीय यूजर्स इन्हें नजरअंदाज कर करीब-करीब 6 करोड़ 30 लाख घंटे बचा सकते हैं।” इसके साथ ही स्पैम कॉल्स को ब्लॉक या नजरअंदाज करने से भारतीय अर्थव्यवस्था को हर साल 414 मिलियन डॉलर यानि करीब 2,644 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है।
टॉप 20 देशों में पहले पायदान पर भारत:
इस साल एक सर्वे किया गया था जिसके मुताबिक स्पैम कॉल्स के आधार पर भारत दुनिया के टॉप 20 देशों में पहले पायदान पर है। रिपोर्ट में बताया गया है, “'प्रति ट्रूकॉलर यूजर हर महीने औसतन 22.6 स्पैम कॉल के साथ भारत पहले स्थान पर है। इस लिहाज से अमेरिका और ब्राजील 20.7 कॉल के साथ दूसरे नंबर पर हैं।”
टेलिकॉम या वित्तीय सेवा कंपनियों की तरफ से आती हैं स्पैम कॉल्स:
काउंटरप्वाइंट रिसर्च के असोसिएट डायरेक्टर ने कहा, “आज के डिजिटल युग में किसी व्यक्ति के कॉन्टैक्ट डीटेल्स हासिल करना आसान हो गया है। यूजर्स थर्ड पार्टी एप्स को बेसिक डीटेल्स जानने की अनुमति दे देते हैं जिससे कॉन्टैक्ट्स के बड़े डाटाबेस पर स्पैमर्स की पकड़ हो जाती है।” रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसे कॉल्स ज्यादातर टेलिकॉम या वित्तीय सेवा देने वाली कंपनियों की तरफ से आती हैं। ये यूजर्स को अलग-अलग ऑफर्स प्रदान करती हैं।
