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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सावधान! विंडोज यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा, निजी जानकारी हो सकती है चोरी

By MMI TeamEdited By:
Published: Thu, 31 Dec 2015 12:32 PM (IST)Updated: Thu, 31 Dec 2015 12:35 PM (IST)

यदि आप Microsoft का लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम Windows 10 यूज कर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। क्योंकि इस ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में हैं

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यदि आप Microsoft का लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम Windows 10 यूज कर रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। क्योंकि इस ऑपरेटिंग सिस्टम यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में हैं। विंडोज 10 ओएस में बिल्ट-इन एनक्रिप्शन फीचर है। यह फीचर यूजर्स की रिकवरी की माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर में अपलोड कर देता है, जिससे सुरक्षा में सेंध लगने का खतरा बढ़ जाता है।

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खबर है कि विंडोज 10 वाले नए डिवाइसेज में एनक्रिप्शन फीचर शुरू से ही ऑन रहता है। माना जा रहा है कि यह फीचर वैसे तो बेहद काम का है, मगर खतरनाक भी साबित हो सकता है। यह फीचर सुनिश्चित करता है कि आपका डाटा कंप्यूटर में सुरक्षित रहे। मगर एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यही अच्छा फीचर बड़े नुकसान की वजह बन सकता है।
खबर है कि आप माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट (आउटलुक/लाइव मेल) के जरिए अपने विंडोज 10 ओएस वाली डिवाइस में साइन करते हैं तो इसका मतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट ने आपकी डिस्क एनक्रिप्शन की स्टोर कर ली है। अब अगर कोई शख्स आपके माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट को हैक कर ले तो वह रिकवरी की आसानी से हासिल कर सकता है। इसी तरह से अगर कोई हैकर माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर को ही हैक कर ले, तब भी आपकी प्राइवेसी खतरे में पड़ जाएगी।

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ऐसे बचें खतरे से
विंडोज 10 यूजर्स अपने माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट में लॉग-इन करके देख सकते हैं कि आपकी key वहां पर स्टोर है या नहीं। आप इसे अकाउंट से डिलीट कर सकते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक ऐसा करने पर सर्वर से key की सभी कॉपीज हटा दी जाएंगी। हालांकि जिन यूजर्स को अपने माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट में key नहीं दिखेगी, उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है। शायद लॉग-इन के लिए वे माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट इस्तेमाल नहीं करते या फिर उनके डिवाइस की एनक्रिप्शन ऑन नहीं है।
इसके अलावा डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर भी एनक्रिप्शन ऑफ की जा सकती है। जिन्हें अपने डिवाइस की सेटिंग्स में जाने पर एनक्रिप्शन ऑप्शन नहीं दिखेगा, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। वे ऐसी मशीन इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें डिवाइस एनक्रिप्शन के लिए जरूरी टीपीएम (ट्रस्टेड प्लैटफॉर्म मॉड्यूल) नहीं है।