यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत सरकार ने लांच किया हिंदी डोमेन
यदि आप इंटरनेट पर हिंदी में काम करना पसंद करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। कुछ दिन पहले ...और पढ़ें

यदि आप इंटरनेट पर हिंदी में काम करना पसंद करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। कुछ दिन पहले ही मिली एक सूचना में यह कहा गया था कि केंद्र सरकार एक नए डोमेन डॉट भारत (.भारत) की शुरुआत करने जा रही है, उस डॉमेन को आज लांच कर दिया गया है।
सरकार द्वारा चलाए गए इस डोमेन की मदद से आप हिंदी में ही वेबसाइट का यूआरएल लिख सकेंगे लेकिन केवल उन्हीं वेबसाइट का जो डॉट भारत के साथ रेजिस्टर की जाएंगी। इस डोमेन को कुल 8 भाषाओं में लांच किया गया है। जिसमें हिंदी, कोंकोनी व मराठी भी शामिल है।
अक्सर आप किसी वेबसाइट के यूआरएल को जब इंटरनेट पर देखते हैं तो उसके अंत में डॉट कॉम या फिर डॉट इन लिखा होता है, लेकिन हिंदी डॉमेन की साइट के अंत में डॉट भारत (.भारत) लिखा होगा और आपको इन वेबसाइट को सर्च करने के लिए अंग्रेजी में यूआरएल नहीं लिखना पड़ेगा, बल्कि अब आप देसी भाषाओं में यूआरएल डोमेन डाल सकेंगे।
इस सब के बीच एक महत्वपूर्ण बात यह है कि देवनागरी में लिखे इस डोमेन का हिंदी के अलावा डोगरी, कोंकणी, मैथिली, मराठी, नेपाली और सिंधी भाषाओं में भी उपयोग किया जा सकेगा। भारत डॉट डोमेन के यूआरल के लिए शुरुआत में डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू लिखने की जरूरत नहीं होगी। मिसाल के तौर पर राष्ट्रपति की वेबसाइट होगी राष्ट्रपति.सरकार.भारत।
इस बेहतरीन प्रस्ताव को सरकार के समस्त संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा रखा गया था। उनका कहना है कि यह कारवाह केवल 8 भाषाओं का नहीं है बल्कि जल्द ही इसे सभी भारतीय भाषाओं में शुरु किया जाएगा।
नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया द्वारा शुरु किए गए इस काम को अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी ले जाया जाएगा। सूचना के अनुसार संस्थान जल्द ही इंटनेशनलाइज्ड डोमेन नेम (आईडीएन) की शुरुआत करेगा जिसमें बांगला, उर्दु, पंजाबी, तमिल, तेलुगु व गुजराती भाषा को शामिल किया जाएगा।
इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद का कहना है कि इस साल के अंत तक ब्राडबैंड कनेक्शन से कुल 60,000 गांव को जोड़ा जाएगा। इसके बाद अगले साल 1 लाख और गांव जोड़े जाएंगे। यह सब काम नेशनल ऑप्टीकल फाइबर नेटवर्क की मदद से किया जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट में तकरीबन 35,000 करोड की लागत लगने का अनुमान है। जिसके अंतरगत सरकार 2017 के अंत तक कुल 2.50 लाख ग्राम पंचायतों में ब्राडबैंड कनेक्टिविटी लेकर आएगी।
सरकार द्वारा चलाए गए हिंदी डोमेन वेबसाइट पर यदि आप भी रेजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं तो आपको डोमेन नेम लेने के लिए ट्रेड मार्क वेरीफिकेशन करवाना होगा। इसका शुल्क केवल 250 रुपये है और सर्विस टैक्स अतिरिक्त होगा।
