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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चाहते हैं टेंशन फ्री रहना तो बंद रखें इ-मेल

By MMI TeamEdited By:
Published: Thu, 07 Jan 2016 05:44 PM (IST)Updated: Thu, 07 Jan 2016 06:13 PM (IST)

जिंदगी में खुशी,तनाव,चिंता और टेंशन को दूर करना है, तो अपने फोन का इ-मेल बंद रखें और इसका कम से ...और पढ़ें

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जिंदगी में खुशी,तनाव,चिंता और टेंशन को दूर करना है, तो अपने फोन का इ-मेल बंद रखें और इसका कम से कम इस्तेमाल करें। यकीनन, इससे आपके जीवन में खुशियां वापस लौट आएंगी।

एक नइ रिसर्च के अनुसार, इ-मेल कम्युनिकेशन का एक बेहतरीन माध्यम है, लेकिन यह हताशा और तनाव का साधन भी है।

हाइटेक होते इस युग में इस समय हर काम में तकनीक ने अपनी पैठ बैठा रखी है। ऐसे में यही तकनीक लोगों के स्वास्थ्य पर हावी होती जा रही है।

इसके अलावा अध्ययन में बताया गया है कि इ-मेल जांचते वक्त रात और सुबह का समय भी हाइ प्रेशर और तनाव के कारणों से जुड़ा है,हालांकि आप कितना दबाव महसूस करते हैं और कितना सहन कर सकते हैं, यह आपके व्यक्तित्व पर निर्भर करता है।

करीब 2 हजार लोगों पर किए गए सर्वेक्षण में लंदन फ्यूचर वर्क सेंटर ने पाया है कि जिन व्यक्तियों को लगातार इ-मेल प्राप्त होते रहते हैं, उनमें ई-मेल के दबाव से गुजरने की संभावना ज्यादा होती है।

इस स्टडी के मुख्य लेखक रिचर्ड मैककिनन ने बताया, “हमारी रिसर्च दर्शाती है कि इ-मेल दोधारी तलवार है। यह संचार का मूल्यवान तरीका है, लेकिन यह अवसाद, दबाव और तनाव का जनक भी है। जिन लोगों ने इसे बहुत उपयोगी बताया था उन्हीं लोगों ने इसके द्वारा होने वाले उच्च दबाव की शिकायत की है।”

रिचर्ड के अनुसार, “सुविधाजनक होने की वजह से हमने भावात्मक प्रतिक्रियाओं को तकनीक के माध्यम से संचारित करने की आदत विकसित कर ली है, लेकिन यही सुविधा हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है।”

स्टडी के अनुसार, इ-मेल के हाइ प्रेशर से अन्य कर्मचारियों की तुलना में मैनेजरों को अधिक दो-चार होना पड़ता है।