यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रक्षाबंधन के दिन धरती के करीब होंगे चंदा मामा
सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन पर चंदा मामा भी बहन धरा (धरती) से मिलने का लोभ संवरण नहीं कर पाएंगे। वह ...और पढ़ें

वाराणसी, ओंकार उपाध्याय। सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन पर चंदा मामा भी बहन धरा [धरती] से मिलने का लोभ संवरण नहीं कर पाएंगे। वह भी अंतरिक्ष में घूमते हुए इस दिन धरती के न सिर्फ सबसे करीब पहुंचेंगे बल्कि उनकी चमक भी बढ़ जाएगी।
10 अगस्त को सावन की पूर्णिमा है और इसी दिन भाई-बहन का पवित्र पर्व रक्षाबंधन भी है। यह अद्भुत संयोग है कि इस खास मौके पर ही दिखेगा सुपरमून यानी इसी दिन चंद्रमा और धरती के बीच की दूरी कम हो जाएगी। स्वाभाविक है कि जब चंदा मामा धरती के करीब आएंगे तो उनका आकार बड़ा दिखेगा और चमक भी बढ़ जाएगी। आइआइटी बीएचयू के भौतिकी विभाग के प्रो. बीएन द्विवेदी कहते हैं कि धरती से चंद्रमा की दूरी औसतन 3,84,400 किलोमीटर रहती है लेकिन वह अपने परिपथ पर परिक्रमा करते हुए 10 अगस्त को ऐसी जगह पहुंचेंगे जहां से उनकी और धरती के बीच की दूरी लगभग 3,56,984 किलोमीटर होगी। इस प्रकार धरती से उनकी दूरी में लगभग 27,416 किलोमीटर की कमी आ जाएगी। इससे उनका आकार बड़ा दिखेगा व चमक भी 30 फीसद बढ़ी हुई महसूस होगी। द्विवेदी का कहना है कि चंद्रमाह औसतन 29 दिन, 12 घंटा और 44 मिनट का होता है, लेकिन इस बार का चंद्रमाह [25 अगस्त से 24 सितंबर] 29 दिन 16 घंटे और एक मिनट का होगा, जो औसत से तीन घंटा 17 मिनट अधिक होगा। उनके मुताबिक इस सदी का सबसे लंबा चंद्रमाह दिसंबर, 2017 से जनवरी, 2018 के मध्य होगा। इस दौरान चंद्रमाह की अवधि होगी 29 दिन, 19 घंटा और 47 मिनट जो औसत से सात घंटे तीन मिनट अधिक होगी।
