यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बारिश और भूस्खलन से चार धाम यात्रा रही बाधित
भूस्खलन के कारण अवरुद्ध बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद हैं, जबकि केदारनाथ हाईवे खोल दिया गया है। ...और पढ़ें

देहरादून, जागरण संवाददाता। भूस्खलन के कारण अवरुद्ध बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद हैं, जबकि केदारनाथ हाईवे खोल दिया गया है। मंगलवार को पैदल मार्ग से 70 यात्री बदरीनाथ पहुंचे, जबकि में 13 यात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए गोविंदघाट से 250 यात्री रवाना हुए। पिथौरागढ़ में कैलाश मानसरोवर मार्ग मंगलवार को भी नहीं खुल पाया। उधर, टिहरी जिले के भिलंग पट्टी की ग्राम पंचायत पयांकोटी में भूस्खलन के कारण घरों में दरार पड़ने से तीन परिवारों ने घर छोड़ दिए हैं। उन्होंने दूसरे गांव में शरण ली है। राज्य मौसम केंद्र के अनुसार आगामी 24 घंटों में राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम व गरज के साथ वर्षा हो सकती है। उत्तरकाशी, नैनीताल व देहरादून में भारी बारिश के आसार हैं।
बीते दो दिन से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ व विष्णुप्रयाग के पास बंद है। मंगलवार दोपहर एक बजे विष्णुप्रयाग में मार्ग खोला गया, लेकिन लामबगड़ में मार्ग बंद है। वहीं, गोविंदघाट में घांघरिया के लिए अलकनंदा पर मोटर पुल बनने का काम भी शुरू हो गया है। दूसरी तरफ, फाटा के पास अवरुद्ध हुआ गौरीकुंड हाईवे मंगलवार को बीआरओ ने खोल दिया। रुद्रप्रयाग जनपद में 19 मोटर मार्ग अभी भी बंद हैं। उधर, भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे मंगलवार को छठे दिन तो यमुनोत्री हाईवे मंगलवार को दूसरे दिन भी बंद रहा।
