यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब में कर्ज से परेशान तीन और किसानों ने दी जान
पंजाब में कर्ज में डूबे तीन और किसानों ने खुदकशी कर ली। इनमें एक किसान संगरूर के गांव भट्टीवाल कलां, दूसरा गांव हरीगढ़ व तीसरा फाजिल्का का रहने वाला था।

जेएनएन, संगरूर/फाजिल्का। संगरूर व फाजिल्का जिले में कर्ज से परेशान तीन और किसानों ने खुदकशी कर ली। पहली घटना में संगरूर के गांव भट्टीवाल कलां के किसान भगवान सिंह पुत्र दया सिंह फंदा लगा लिया। गांव के सरपंच गुरमीत सिंह ने बताया कि किसान भगवान सिंह तीन एकड़ खेत का मालिक था।
कृषि के लिए भगवान सिंह ने बैकों व निजी तौर पर लाखों रुपये कर्ज लिया था, जो कि अब तक चार लाख हो चुका था। इसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। रविवार रात्रि उसने अपने घर के कमरे में गार्डर के सहारे फंदा लगा लिया। सोमवार सुबह जब उसके घर वाले उसे नींद से उठाने के लिए कमरे में गए तो उसकी लाश फंदे से लटकती मिली। थाना भवानीगढ़ के एसएचओ चरणजीत सिंह लांबा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाश का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दी है।
संगरूर के नजदीकी गांव हरीगढ़ किसान दर्शन सिंह पुत्र अमरजीत सिंह की भी जहर निगलने से मौत हो गई। वह दो एकड़ जमीन का मालिक था। उस पर बैंकों व आढ़तियों का सात लाख रुपये का कर्जा था। उसने कुछ दिन पहले आत्महत्या करने के लिए जहरीली दवा निगल ली थी।
उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया व इलाज महंगा होने के चलते कर्ज और बढ़ गया। इस कारण दर्शन सिंह काफी परेशान रहता था। इसके चलते घर वाले उसे घर ले आए, जहां उसकी रविवार को मौत हो गई। किसान नेता दिलबाग सिंह हरीगढ़, गुरदीप सिंह, मेजर सिंह ने सरकार से मांग की कि पीडि़त किसान का पूरा कर्जा माफ किया जाए व परिवार को वित्तीय मदद दी जाए।
उधर, फाजिल्का में ठेके पर जमीन लेकर खेती करने वाले 43 वर्षीय किसान रंजीत सिंह ने साहूकारों के कर्ज न लौटा पाने और साहूकारों की धमकी से तंग आकर स्प्रे पीकर खुदकशी कर ली। कैंट रोड पर चाणक्य स्कूल के निकट रहने वाले रंजीत सिंह ने एक व्यक्ति से दो लाख रुपये कर्ज लिया था, जो लौटा नहीं पाया था।
आरोप है कि कर्ज न लौटा पाने के चलते उक्त साहूकार व अन्य साहूकार, जिनसे रंजीत ने कर्ज ले रखा था, उसे धमकियां दे रहे थे। बीती रात भी आरोपियों ने रंजीत सिंह को उसके घर जाकर धमकाया था। उसके बाद मानसिक तनाव के चलते सोमवार दोपहर करीब दो बजे रंजीत ने जहरीली स्प्रे पी ली। इसका पता चलते ही परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर आए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर मृतक किसान के पुत्र के बयान पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
