विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में दिवाली पर पटाखों की आड़ में किसानों ने जलाई पराली

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sat, 21 Oct 2017 09:32 AM (IST)Updated: Sat, 21 Oct 2017 02:47 PM (IST)

पंजाब में दिवाली के पटाखों की आड़ में किसानों ने जमकर पराली जलाई। सेटेलाइट से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 1188 खेतों में पराली जलाई गई।

पंजाब में दिवाली पर पटाखों की आड़ में किसानों ने जलाई पराली
पंजाब में दिवाली पर पटाखों की आड़ में किसानों ने जलाई पराली

जेएनएन, पटियाला। इस बार बेशक पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट की सख्ती के बाद राज्य में दिवाली की रात पटाखे कम चले परंतु किसानों ने इसकी कसर पटाखों की आड़ में पराली जलाकर पूरी की। सेटेलाइट से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार दिवाली की रात राज्य के सभी जिलों में करीब 1188 खेतों में पराली को आग लगाई गई। इसी तरह से दिवाली के बाद शुक्रवार को इससे भी भयावह तस्वीर देखने को मिली।

शुक्रवार को सेटेलाइट में खेतों में आग लगाने के करीब 1608 मामले रिकार्ड हुए। हालांकि दिवाली से पहले यह एवरेज चार सौ के करीब थी, लेकिन दिवाली की रात ही यह आंकड़ा करीब तीन गुणा बढ़ गया जबकि अगली रात को यह चार गुणा पर जा पहुंचा। निश्चित रूप से किसानों ने दिवाली पर पटाखे चलने की आड़ में पराली जलाने का मौका नहीं छोड़ा।

दैनिक जागरण के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 2012 में दिवाली के मौके पर राज्य में औसतन एयर क्वालिटी इंडेक्स जहां 390 रिकार्ड किया गया था, वहीं साल 2013 में यह 371, 2014 में यह 363, 2015 में 254 और 2016 में 228 रिकार्ड किया गया था। इस बार खास बात यह रही कि पिछले साल सामान्य दिनों (दिवाली से एक सप्ताह पूर्व तक) के मुकाबले दिवाली के मौके पर इस इंडेक्स में 70 फीसद तक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

वहीं इस साल सामान्य दिनों के मुकाबले दिवाली के मौके पर यह इंडेक्स 24 फीसद ही बढ़ा। हालांकि पीपीसीबी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. चरणजीत सिंह ने कहा कि इस साल सामान्य दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स जहां 265 रिकॉर्ड किया गया, वहीं दिवाली पर यह आंकड़ा 328 रहा, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा कम था। सरकार की ओर से पिछले कई वषों से दिवाली के मौके पॉल्यूशन लेवल कंट्रोल करने को लेकर कोशिश की जा रही है। इस बार चाहे एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछली दो दिवाली के मुकाबले ज्यादा रहा है, लेकिन उससे पहले के दिवाली के मौके के मुकाबले यह काफी कम रिकार्ड किया गया है।

शुक्रवार देर रात रिपोर्ट हुए मामले

शुक्रवार देर रात तक सेटेलाइट से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पराली जलाने के अमृतसर में 88, बरनाला में 6, बठिंडा में 104, फरीदकोट में 124, फतेहगढ़ साहिब में 85, फाजिल्का में 48, फिरोजपुर में 152, गुरदासपुर में 101, होशियारपुर में 18, जालंधर में 60, कपूरथला में 57, लुधियाना में 90, मानसा में 31, मोगा में 27, मुक्तसर में 120, नवांशहर में 24, पटियाला में 152, रूपनगर में 14, संगरूर में 36, मोहाली में 26, तरनतारन में 245 मामले सामने आए।

प्रदूषण फैला सकता है बीमारी

तय पैरामीटर के मुताबिक अगर एक्यूआइ 301 से 400 के बीच वैरी पूअर कैटागरी है। ऐसे वातावरण में लंबे समय तक रहने पर सांस, फेफड़ों व आंख का रोग हो सकता है। पैरामीटर्स के मुताबिक 0 से 50 का इंडेक्स जहां अच्छा माना जाता है, वहीं 51 से 100 तक इसे संतोषजनक कहा जाता है।

अमृतसर व लुधियाना में हालात ज्यादा खराब

पीपीसीबी ने एयर क्वालिटी की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए अमृतसर, लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ में लैब स्थापित की हुई है। अमृतसर में दिवाली पर एयर क्वालिटी इंडेक्स जहां 339 रिकॉर्ड किया गया, वहीं लुधियाना में यह 384 रहा।

यह भी पढ़ेंः सीएम ने एनआइए को सौंपी लुधियाना में हुई आरएसएस नेता की हत्या मामले की जांच



 

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।