विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नारी पर बढ़ते अत्याचार के लिए समाज जिम्मेदार : महिला आयोग

By Edited By:
Published: Wed, 13 Mar 2013 01:07 AM (IST)Updated: Wed, 13 Mar 2013 01:08 AM (IST)

News Article Hero Image

अपराध संवाददाता, पटियाला

पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन परमजीत कौर लांडरां ने कहा है कि समाज में महिलाओं पर बढ़ते जा रहे अत्याचार के लिए समाज जिम्मेदार है और इस अत्याचार को समाप्त करने के लिए पुलिस, कानून और समाज को अपनी जिम्मेदारी निभानी ही होगी। जिला पुलिस अधिकारियों के साथ मंगलवार को एक अहम बैठक के दौरान चेयरपर्सन ने कहा कि समाज को बनाने वाली महिलाएं ही आज समाज में सुरक्षित नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि संसद द्वारा देश में महिलाओं का शोषण रोकने के लिए पास किया गया बिल कामकाजी और आम महिलाओं का शोषण रोकने के लिए खासा सहायक होगा। इस बिल को पंजाब में जल्द से जल्द लागू करने के लिए महिला आयोग प्रदेश सरकार से संपर्क करेगा।

महिला आयोग के पास 1300 शिकायतें बकाया

पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन परमजीत कौर लांडरां ने बताया कि उनके पास राज्य भर से करीब 13 सौ महिलाओं की शिकायतें सुनवाई के अधीन हैं। किसी भी मामले की जांच के दौरान महिला पुलिस अधिकारी या महिला कर्मचारी को अवश्य लगाया जाएगा। महिलाओं की शिकायतों का निपटारा करने के लिए वे खुद प्रत्येक सप्ताह पंजाब के किसी भी एक जिले में दौरा करेंगी।

महिलाओं से जुड़ी करीब 50 फीसद शिकायतें साझ केंद्रों में सुलझी

एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल द्वारा जिले भर में महिलाओं से पूछताछ करने और महिलाओं के लिए साझ केंद्रों में दी गई अतिरिक्त सुविधाओं को देखने के बाद पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन परमजीत कौर लांडरां ने पटियाला पुलिस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के इंतजामों को वे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करवाएंगी।

एसएसपी गिल ने चेयरपर्सन को बताया कि इस साल पुलिस सांझ केंद्रों में महिलाओं की कुल 312 शिकायतें आई, इनमें से पुलिस ने 153 शिकायतों का निपटारा सांझ केंद्रों में ही कर दिया और 159 शिकायतों पर सुनवाई जारी है।

इस अवसर पर एसपी शमशेर सिंह बोपाराय, डीएसपी मनजीत सिंह बराड़, समाना, राजपुरा, नाभा, पातड़ा के सांझ केंद्र प्रभारी, महिला थाना प्रभारी, वुमेन काउंसलिंग सेल और एनआरआइ सेल की महिला प्रभारी भी उपस्थित थीं।

महिला कैदियों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाना जरूरी : लांडरां

- महिला कैदियों द्वारा बनाए समान को सराहा

अपराध संवाददाता, पटियाला

किसी भी अपराध के कारण जेलों में महिला कैदी या विचाराधीन महिला कैदियों को मानसिक तौर पर मजबूत बनाना बेहद जरूरी है, ताकि जेलों से बाहर आने के बाद वे समाज का हिस्सा बनाकर सही जीवन व्यतीत कर सकें। पंजाब राज महिला कमिश्नर की चेयरपर्सन परमजीत कौर लांडरां ने ये विचार मंगलवार को केंद्रीय जेल पटियाला का दौरा करने के बाद पेश किए।

महिला कैदियों और विचाराधीन कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने जेल अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला कैदी या विचाराधीन महिला कैदियों को जेलों में किसी भी तरह की कोई परेशानी न आने दी जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े आपराधिक मामलों को जल्द सुलझाने और महिलाओं की जेलों में सुरक्षा को पुख्ता बनाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।

अपने इस दौरे के दौरान चेयरपर्सन ने महिला कैदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के सामान को देखा और उसकी जमकर तारीफ की। महिला कैदियों के बच्चों के लिए जेल में बनाई गई क्रेच का भी चेयरपर्सन ने दौरा किया।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।