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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनावः भाजपा हाईकमान के सामने खुलकर दिखी गुटबाजी

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sun, 10 Sep 2017 08:22 PM (IST)Updated: Sun, 10 Sep 2017 08:24 PM (IST)

गुरदासपुर उपचुनाव को लेकर पठानकोट में भाजपा में गुटबाजी दिखी। कविता खन्ना ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। कविता व सलारिया समर्थकों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनावः भाजपा हाईकमान के सामने खुलकर दिखी गुटबाजी
गुरदासपुर लोकसभा उपचुनावः भाजपा हाईकमान के सामने खुलकर दिखी गुटबाजी

जेएनएन, पठानकोट। गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा पंजाब प्रभारी प्रभात झा व प्रधान विजय सांपला के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आई। टिकट की लाइन में लगे स्वर्ण सलारिया व पूर्व सांसद स्व. विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना ने सुजानपुर, पठानकोट व भोआ में हुए कार्यक्रमों के दौरान एक दूसरे से बात तक नहीं की।

पठानकोट में आयोजित रैली के दौरान कविता खन्ना ने जहां कार्यक्रम में पहुंचकर भी सामने आने से गुरेज किया, वहीं भोआ में दोनों नेताओं के सर्मथकों ने नारेबाजी कर अपने-अपने टिकट की मांग की। स्वर्ण सलारिया के हक में नारेबाजी कर रहे वर्कर उनके लोकल होने की बात कह, हर हाल में लोकसभा उपचुनाव की टिकट उन्हें देने की बात कह रहे थे।

दूसरी ओर कविता खन्ना के समर्थक स्वर्गीय विनोद खन्ना के कार्यकाल में क्षेत्रभर में हुए विकास कार्यों के आधार पर एक बार पुन: उनकी पत्नी को टिकट देने की मांग करते नजर आए। नारेबाजी को बढ़ता देख सांपला को भी मंच से कहना पड़ा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को बात रखने का अधिकार है। जब प्रत्याशी की घोषणा हो जाती है तो भाजपा में पार्टी के चुनाव चिन्ह पर सभी वर्कर एकजुटता दिखाते काम करते हैं।

पठानकोट के शीतल पैलेस में आयोजित रैली के दौरान सलारिया के साथ झा व सांपला दोपहर पौने एक बजे पहुंच गए थे। सलारिया उनके साथ स्टेज में पहली पंक्ति पर बैठे रहे। कविता खन्ना करीब पांच मिनट देरी से पहुंची। उनको बाद में दूसरी पंक्ति में बैठने दिया गया। आते ही उन्होंने अपना लैपटाप खोल लिया और उस पर कुछ काम करने लग गई। स्टेट छोड़ जैसे ही ज्योति प्रज्ज्वलित करने के लिए सभी नेता दूसरी तरफ गए तो कविता वहां नहीं गई। हालांकि स्टेट संभाल रहे कार्यकर्ता ने उनको बुलाया भी लेकिन उन्होंने मना कर दिया।

दूर करेंगे पार्टी की गुटबाजी

झा ने कहा कि उपचुनाव के लिए मात्र दो प्रत्याशी ही नहीं अपितु इनकी संख्या काफी है। किसके नाम पर मोहर लगानी है, ये काम पार्टी हाईकमान का है। पठानकोट के आज विशेष रूप से उनके पहुंचने संबंधी उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक दल के वर्कर है।

चुनाव जीतना हमेशा उनकी कोशिश रहती है। जब प्रभात झा से विधानसभा चुनावों में गुटबंदी का खामियाजा भुगतने व चुनावों में भी कहीं न कहीं गुटबाजी दिखने  संबंधी सवाल किया गया तो बोले, गुटबाजी है तो उसे दूर किया जाएगा। फिलहाल चुनाव की तारीख तय नहीं हुई है। तारीख निश्चित होते ही प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाएगी।

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