यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अारएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या में इस्तेमाल बाइक बरामद, झाडियों में मिली
लुधियाना पुलिस ने आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है। यह एक गांव के पास झाडि़यों में मिली।

जेएनएन, लुधियाना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता रविंदर गोसाईं की हत्या में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल पुलिस ने बरामद कर ली है। यह मोटरसाइकिल लाडोवाल के नजदीक गांव माझ फग्गोवल के पास झाडियों में मिली। पुलिस ने इसे अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है। इसी बाइक पर आए दो बदमाशों ने रविंदर गोसाईं की हत्या की थी।
बताया जाता है कि यह बाइक (नंबर पीबी10cu 7223) लुधियाना के आरटीए आफिस से रजिस्टर्ड है और रिकॉर्ड में गांव फुल्लावाल बाबा इंदर सिंहनगर के सुरेन नामक व्यक्ति के पुत्र किशन के नाम दर्ज है। पुलिस को आज गांव माझ फग्गोवल के पास एक मोटरसाइकिल के झाडि़याें के पास गिरे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने इसे पीले रंग की इस बाइक को अपने कब्जे में ले लिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस बाइक के गाेसाईं के हत्यारों द्वारा इस्तेमाल करने की जानकारी मिली।
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बता दें कि कैलाश नगर स्थित गगनदीप कॉलोनी इलाके में मंगलवार की सुबह आरएसएस की मोहन शाखा के मुख्य शिक्षक व भाजपा आरटीआइ सेल के जिला संयोजक रविंदर गोसाईं की बाइक सवार युवकों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने अपने चेहरों पर कपड़े बांध रखे थे। हमलावरों ने रविंदर की हत्या सात साल के पोते के सामने हत्या की।

गांव माझ फग्गोवल के पास बरामद की गई बाइक।
बीते साल अगस्त में आरएसएस के पदाधिकारी सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या के बाद हुई इस घटना से भाजपा व आरएसएस नेताओं में भारी रोष है। उन्होंने श्मशान घाट व पुलिस कमिश्नर दफ्तर के सामने धरना भी दिया।
रविंदर गोसाईं की बहू नीरू ने बताया कि उनके ससुर रोज सुबह छह से सात बजे घर के नजदीक आमंत्रण कॉलोनी में मोहन शाखा लगाने जाते थे। मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे शाखा के लिए निकल गए और करीब सात बजे वापस आए। उन्होंने अपनी पोती चार साल दीक्षा को गोद में लेकर गली की मोड़ पर स्थित दुकान पर गए और कुत्ते के लिए बिस्कुट लेकर आए।
इसके बाद वह घर के बाहर गेट पर पाेती को लेकर खड़े थे। उनका पोता सात साल का दक्ष भी साथ ही था। तभी काले-पीले रंग की बाइक से दो युवक आए और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। हत्यारों द्वारा चलाई चार गोलियों में से एक गोली रविंदर की कनपटी पर जा लगी, जबकि दूसरी पीठ के पीछे लगी। दो गोलियां हवा में ही रह गईं। गोली लगते ही रविंदर जमीन पर गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

रविंदर हत्याकांड में इस्तेमाल बाइक के बरामद होने के बाद जांच करती पुलिस।
सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके, डीसीपी गगनअजीत सिंह, इंटेलिजेंस, फॉरेंसिक व डॉग स्क्वॉयड की टीमें मौके पर पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल के नजदीक एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में हत्यारे कैद हो गए, लेकिन उनके चेहरे ढके थे। घटना के कुछ समय बाद रविंदर का शव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। देर शाम बाजवा नगर स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हत्यारों के पीछे भागी बहू
नीरू के अनुसार ससुर की हालत देखते ही वह सकते में आ गई। फिर भी उसने साहस नहीं खोया और शोर मचाती हुई हत्यारों के पीछे भागीं, लेकिन वे फरार हो गए। इसी दौरान पोते दक्ष ने अंदर जाकर पिता दीपक व चाचा को बताया कि दादा को किसी ने गोली मार दी। इसके बाद दीपक अपने भाई भाई अजय के साथ बाहर आए जिन्होंने शोर मचाकर पुलिस तक सूचना पहुंचाई। शोर सुनकर आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए।
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'' मामले की जांच के लिए एसआइटी बना दी गई है। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज हमारे कब्जे में है, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।
-आरएन ढोके, पुलिस कमिश्नर।
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राजनाथ ने कैप्टन के सामने उठाया मुद्दा
मंगलवार को फिराजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर अाए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविंदर गोसाईं की हत्या का मामला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने उठाया। उन्होंने कहा कि मामले की यथाशीघ्र गहराई से जांच की जाए। कैप्टन ने भरोसा दिलाया कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेगी।
