यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राज्यसभा प्रकरण बुरा सपना, अब नहीं लड़ूंगा कोई चुनाव : हंसराज हंस
कुछ समय पहले कांग्रेस में शामिल हुए पंजाबी सूफी गायक हंसराज हंस ने कहा है कि वह अब कभी काेई ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जालंधर। हाल ही में कांग्रेस का दामन थामने वाले सूफी गायक हंसराज हंस ने चुनाव लडऩे से तौबा कर ली है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट को लेकर जो भी हुआ, वह उनके लिए एक बुरा सपना था। वह अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि सिर्फ कांग्रेस की मजबूती के लिए जी-जान से काम करेंगे। पंजाब से लेकर विदेश तक पार्टी के लिए प्रचार करेंगे।
हंस ने यहां कहा कि उनका किसी पार्टी में आने-जाने को धर्म व जाति से न जोड़ा जाए, क्योंकि उनकी पहचान धर्म से नहीं सूफी संगीत से है। जब वह विदेश जाते हैं, तो वहां लोग उन्हें सम्मान व इज्जत देते हैं, उनकी जाति नहीं पूछते। वे कला व गायकी का सम्मान करते हैं।
असहिष्णुता पर देश में चल रही बहस पर हंस ने कहा कि यह सही नहीं है। इंसान की कोई जाति या धर्म नहीं होना चाहिए। सभी को सिर्फ इंसानियत से देखा व परखा जाना चाहिए।
अकाली दल छोडऩे के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक घर से निकलकर दूसरे घर में जाना कोई गलत नहीं है। उन्होंने अपनी मर्जी से अकाली दल छोड़ा है, लेकिन अकाली दल के नेता अब भी उनके लिए सम्मानीय हैं।
